Trump Xi trade agreement APEC Summit: ट्रंप और शी के बीच व्यापार समझौते से एपीईसी शिखर सम्मेलन का समापन

Donald Trump and Xi Jinping shake hands during the APEC Summit after reaching a trade agreement between the United States and China.
U.S. President Donald Trump and Chinese President Xi Jinping conclude a trade agreement at the APEC Summit, marking a new phase in global trade relations.

Trump Xi trade agreement APEC Summit ट्रंप-जिनपिंग के बीच व्यापार समझौता रहा एपेक सम्मेलन का मुख्य आकर्षण, आज आखिरी दिन

ग्योंगजू (दक्षिण कोरिया), अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्यापार युद्ध पर अस्थायी विराम लगाने पर बनी सहमति बनने के बाद एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेता शनिवार को अपने वार्षिक आर्थिक शिखर सम्मेलन का समापन करेंगे। ट्रंप और जिनपिंग के बीच बनी सहमति दुनिया भर के लिए राहत की बात है।

एशियाई और प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेताओं ने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और साझा चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को अपना वार्षिक शिखर सम्मेलन शुरू किया था। इससे एक दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्यापार के मामले में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई थी। इस वर्ष दक्षिण कोरियाई शहर ग्योंगजू में आयोजित दो दिवसीय एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन पर ट्रंप-शी बैठक का काफी प्रभाव पड़ा है।

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ट्रंप ने गुरुवार को जिनपिंग के साथ हुई आमने-सामने की मुलाकात को बेहद सफल बताते हुए कहा था कि वह चीन पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) में कटौती करेंगे जबकि बीजिंग ने दुर्लभ धातुओं के निर्यात की अनुमति देने और अमेरिका से सोयाबीन खरीदने पर सहमति जतायी है। ट्रंप एवं जिनपिंग के बीच बनी सहमति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार संबंधी तनाव को कम करने में विफलता से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और बढ़ेंगी। बढ़ते वैश्वीकरण के दौर में 1989 में स्थापित एपेक वैश्विक व्यापार के आधे से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह मंच क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण में तेजी लाने के लिए मुक्त एवं खुले व्यापार और निवेश का समर्थन करता है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए नयी चुनौतियों पर काबू पाने के लिए अधिक सहयोग और एकजुटता का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था, ‘‘यह स्पष्ट है कि हम हमेशा एक ही पक्ष में नहीं खड़े हो सकते क्योंकि हमारे राष्ट्रीय हित दांव पर हैं लेकिन हम साझा समृद्धि के अंतिम लक्ष्य के लिए एकजुट हो सकते हैं।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हम इस बात पर स्पष्ट और रचनात्मक चर्चा करेंगे कि तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिवेश की नयी चुनौतियों के बीच हम एपेक के लक्ष्य को कैसे प्राप्त कर सकते हैं।’’

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ट्रंप, शी जिनपिंग के साथ समझौते करने के तुरंत बाद दक्षिण कोरिया से चले गए थे। शी ने शुक्रवार को एपेक शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि चीन वैश्विक मुक्त व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला स्थिरता का समर्थन करेगा। यह उनके देश को ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के विकल्प के रूप में स्थापित करने का एक स्पष्ट प्रयास है। एपेक के साथ आयोजित सीईओ शिखर सम्मेलन में भेजी गई लिखित टिप्पणी में शी ने कहा, ‘‘चीन में निवेश करना भविष्य में निवेश करना है।’’ जिनपिंग ने शुक्रवार को एपेक शिखर सम्मेलन से इतर जापान, कनाडा और थाईलैंड के अपने समकक्षों से द्विपक्षीय मुलाकात की। वह शनिवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग से भी मुलाकात करेंगे। सोल के अधिकारियों के अनुसार, इस मुलाकात में कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण और शांति स्थापित करने के प्रयासों पर चर्चा होगी। मेजबान देश होने के नाते दक्षिण कोरिया शनिवार को एपेक के दूसरे एवं आखिरी दिन के सत्र के अंत में सदस्यों से संयुक्त घोषणापत्र पारित करने का आग्रह कर रहा है। पापुआ न्यू गिनी में 2018 में हुए एपेक शिखर सम्मेलन में व्यापार को लेकर अमेरिका-चीन विवाद के कारण सदस्य संयुक्त घोषणापत्र पारित नहीं कर पाए थे।

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