Epstein Case: पेरिस के ‘रेड रूम’ से जुड़े नए सबूत सामने आए

Epstein Case
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Epstein Case: यौन शोषण के दोषी अरबपति जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में एक बार फिर ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने दुनिया भर में सनसनी फैला दी है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए नए वीडियो सबूतों के बाद यह दावा तेज हो गया है कि एपस्टीन ने पेरिस में अपनी एक आलीशान प्रॉपर्टी के भीतर एक खुफिया ‘रेड रूम’ बनवाया था। इस कमरे का इस्तेमाल कथित तौर पर गोपनीय मनोरंजन कार्यक्रमों और गंभीर आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाता था।

नए सामने आए तथ्यों ने न सिर्फ एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उसके कथित प्रभावशाली नेटवर्क की गहराई को लेकर भी बहस को फिर से हवा दे दी है।

पेरिस में कहां स्थित था ‘रेड रूम’?

रिपोर्ट्स के अनुसार, एपस्टीन का यह कुख्यात ‘रेड रूम’ फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित उसकी एक महंगी प्रॉपर्टी के भीतर बनाया गया था। यह संपत्ति आर्क डी ट्रायम्फ के पास स्थित थी, जो पेरिस के सबसे प्रतिष्ठित इलाकों में से एक माना जाता है। स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स में इस फ्लैट को कथित तौर पर “पापों का घर” तक कहा जाने लगा था।

बताया जाता है कि यह कमरा आम नजरों से पूरी तरह छिपा हुआ था और वहां केवल चुनिंदा लोगों को ही पहुंच की अनुमति थी। एपस्टीन इस स्थान का इस्तेमाल अपने बेहद करीबी और रसूखदार मेहमानों के लिए निजी आयोजनों के रूप में करता था।

कमरे के भीतर क्या होता था?

कई मीडिया रिपोर्ट्स और गवाहों के बयानों के मुताबिक, इस ‘रेड रूम’ में महिलाओं को निजी डांस के लिए मजबूर किया जाता था। कुछ मामलों में बिना कपड़ों के डांस कराए जाने के भी आरोप सामने आए हैं। पूरा माहौल अत्यंत गोपनीय, नियंत्रित और बंद दरवाजों के पीछे संचालित होता था।

यही वह स्थान बताया जा रहा है जहां एपस्टीन ने अपने कुछ सबसे घिनौने यौन अपराध अंजाम दिए। हालांकि इन दावों की कानूनी पुष्टि अलग-अलग जांच एजेंसियों के स्तर पर अब भी विवादित बनी हुई है।

प्रभावशाली नामों से जुड़ाव के आरोप

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यही वह पेरिस स्थित फ्लैट था जहां एक चर्चित ब्रिटिश नेता की अंडरवियर में तस्वीर ली गई थी, जिसने उस समय भारी विवाद खड़ा कर दिया था। आरोप यह भी हैं कि एपस्टीन इस जगह पर प्रभावशाली राजनेताओं, उद्योगपतियों और शाही परिवारों से जुड़े लोगों के लिए गोपनीय कार्यक्रम आयोजित करता था।

हालांकि, इन नामों को लेकर कानूनी स्थिति अलग-अलग मामलों में स्पष्ट नहीं है और कई आरोप अभी भी अदालतों में साबित नहीं हुए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग के नए वीडियो सबूत

अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में एपस्टीन फाइलों से जुड़े एक नए बैच में एक दर्जन से अधिक वीडियो सार्वजनिक किए हैं। इन फुटेज में कथित तौर पर एपस्टीन को उसी ‘रेड रूम’ के भीतर देखा गया है। इन वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि एपस्टीन का नेटवर्क कितना व्यापक और संगठित था।

इन खुलासों के बाद यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या एपस्टीन प्रभावशाली लोगों के लिए महिलाओं की आपूर्ति करता था। हालांकि एफबीआई ने हालिया रिपोर्ट में किसी संगठित “ट्रैफिकिंग रिंग” के ठोस सबूत न मिलने की बात कही है, लेकिन नए वीडियो और गवाहियों ने उस दावे को चुनौती दी है।

एपस्टीन केस से जुड़े पुराने विवाद

जेफ्री एपस्टीन का नाम पहले भी कई सनसनीखेज दावों से जुड़ चुका है। कभी यह कहा गया कि “एपस्टीन जिंदा है”, तो कभी उसकी कथित ‘बेबी रैंच’ योजना का जिक्र हुआ, जिसमें वह कई महिलाओं को गर्भवती करना चाहता था। एपस्टीन फाइलों में नाम सामने आने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और नॉर्वे जैसे देशों में कई हाई-प्रोफाइल इस्तीफे भी देखे गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए सबूत एपस्टीन केस को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला सकते हैं और भविष्य में और बड़े नामों पर कानूनी कार्रवाई की राह खोल सकते हैं।