Iran Israel Conflict का असर: पाकिस्तान में पेट्रोल 324 रुपये लीटर, सरकार के खिलाफ बढ़ा गुस्सा

Iran Israel Conflict
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Iran Israel Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब दक्षिण एशिया तक महसूस किया जा रहा है। Iran और Israel के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम अचानक बढ़ गए हैं और कई जगहों पर इसकी कीमत 320 रुपये प्रति लीटर से भी ऊपर पहुंच चुकी है।

तेजी से बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल की कीमतों में यह उछाल आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई से जूझ रहे देश में ईंधन की कीमतों का बढ़ना रोजमर्रा की जिंदगी को और मुश्किल बना रहा है। कई शहरों में नागरिकों ने सरकार की आर्थिक नीतियों और तैयारियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

कराची में लोगों ने सरकार को घेरा

Karachi के रहने वाले असलम कादरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार को पहले से यह अनुमान लगाना चाहिए था कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव तेल बाजार को प्रभावित करेगा। उनके मुताबिक अगर सरकार समय रहते तेल का पर्याप्त भंडारण कर लेती, तो आज हालात इतने गंभीर नहीं होते।

असलम कादरी का कहना है कि जंग दूसरे देशों के बीच हो रही है, लेकिन इसकी आर्थिक कीमत पाकिस्तान की आम जनता को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को संकट के समय आम लोगों को राहत देने के लिए पहले से रणनीति बनानी चाहिए थी।

लाहौर में भी बढ़ती कीमतों से चिंता

इसी तरह Lahore के निवासी मोहम्मद नदीम ने बताया कि पेट्रोल की कीमतों में अचानक आई बढ़ोतरी ने लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित कर दिया है। उनके अनुसार अब पेट्रोल करीब 324 रुपये प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है, जिससे दैनिक खर्चों को संभालना काफी कठिन हो गया है।

लाहौर के ही एक अन्य स्थानीय निवासी सोहैल महमूद का कहना है कि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और फिलहाल इनमें कमी आने की कोई स्पष्ट संभावना नजर नहीं आ रही। उनका मानना है कि अगर वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता जारी रहती है तो आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

आर्थिक दबाव और बढ़ती महंगाई

विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव, आयात बिल में बढ़ोतरी और महंगाई की ऊंची दर ने देश की आर्थिक स्थिति को और जटिल बना दिया है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी सरकार के लिए नई चुनौती बन सकती है।

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा आयातित तेल पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर देश के ईंधन बाजार पर पड़ता है।

भारत में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में

पाकिस्तान की तुलना में भारत में फिलहाल पेट्रोल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं। New Delhi में पेट्रोल लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जबकि Mumbai में इसकी कीमत करीब 103.50 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है।

देश के अधिकांश हिस्सों में पेट्रोल की कीमत 95 से 105 रुपये प्रति लीटर के बीच बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, लेकिन विविध आपूर्ति स्रोतों और बेहतर प्रबंधन के कारण फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो वैश्विक तेल बाजार में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है। इसका असर केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ सकता है।