पड़ोसी देशों से ईरान की माफी, ट्रंप को जवाब—सरेंडर कभी नहीं

Masoud Pezeshkian
Masoud Pezeshkian

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए पड़ोसी देशों से हालिया हमलों के लिए माफी मांगी है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि Iran किसी भी स्थिति में आत्मसमर्पण नहीं करेगा और बाहरी दबाव के आगे झुकने का सवाल ही नहीं उठता।

टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि देश की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की कि फिलहाल पड़ोसी देशों पर हमले और मिसाइल लॉन्च रोक दिए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की ओर से ईरान पर कोई हमला न किया जाए।

पड़ोसी देशों के लिए संदेश

राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना जरूरी है और इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अनावश्यक टकराव नहीं चाहता।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “जब तक पड़ोसी देशों की ओर से हमारे खिलाफ हमला नहीं किया जाता, तब तक उनकी दिशा में कोई मिसाइल या सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपनी सुरक्षा और रक्षा के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा।

इज़राइल के साथ टकराव जारी

हालांकि पड़ोसी देशों के प्रति नरमी का संकेत देने के बावजूद Israel के साथ ईरान का संघर्ष अभी भी जारी है। क्षेत्र में लगातार सैन्य कार्रवाई हो रही है और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

शनिवार सुबह इज़राइल की ओर कई मिसाइलें दागे जाने की खबर सामने आई, जिन्हें रोकने के लिए इज़राइल की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई। इसके बाद इज़राइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Tehran के कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हवाई हमले किए।

ट्रंप की ‘बिना शर्त सरेंडर’ की मांग

इस बीच Donald Trump ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग दोहराई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होगा और केवल “UNCONDITIONAL SURRENDER” ही स्वीकार किया जाएगा।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान में नई नेतृत्व व्यवस्था आती है तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश वहां की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने में मदद कर सकते हैं।

हालांकि ईरानी राष्ट्रपति ने ट्रंप की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह उम्मीद कभी पूरी नहीं होगी। पेज़ेश्कियन ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि ट्रंप अपने “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के सपने को अपनी कब्र तक ले जाएंगे।

युद्ध का फैलता दायरा

विश्लेषकों के अनुसार यह संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा है और इसका असर पूरे क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इज़राइल ने Lebanon में भी कई हवाई हमले किए हैं।

बताया जा रहा है कि इन हमलों का लक्ष्य मुख्य रूप से Hezbollah से जुड़े ठिकाने थे। वहीं Mehrabad Airport के पास भी हमले की खबर सामने आई है, हालांकि Islamic Revolutionary Guard Corps ने इस पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की।

बढ़ता मौत का आंकड़ा

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani के अनुसार अमेरिका और इज़राइल के हमलों में अब तक 1,332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं।

दूसरी ओर ईरान के हमलों में इज़राइल में कम से कम 11 लोगों की मौत की खबर है, जबकि छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए बताए जा रहे हैं।

लेबनान में मानवीय संकट

इस संघर्ष का असर Beirut तक पहुंच गया है। इज़राइल के हमलों के कारण दक्षिणी बेरूत में भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं।

Norwegian Refugee Council के अनुसार हाल के दिनों में करीब तीन लाख लोग बेघर हो चुके हैं। वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 123 लोगों की मौत और 683 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। यूरोप और अमेरिका के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है।

सबसे बड़ा खतरा Strait of Hormuz से जुड़ा माना जा रहा है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति गुजरती है। यदि इस क्षेत्र में शिपिंग बाधित होती है, तो वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।