Mamata Banerjee ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस मुद्दे को आम लोगों, विशेषकर महिलाओं के जीवन से जुड़ा बताते हुए इसे एक बड़ा जनसरोकार और राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है और गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
कोलकाता में आयोजित एक धरने के दौरान ममता बनर्जी ने इस विषय पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर की कीमत में हाल ही में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके कारण आम घरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार कोलकाता में 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब करीब 939 रुपये तक पहुंच गई है, जो मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर घर चलाने वाली महिलाओं पर पड़ता है, क्योंकि घरेलू बजट को संभालने की जिम्मेदारी अक्सर उन्हीं के कंधों पर होती है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कीमत बढ़ने से सीधे तौर पर रसोई का खर्च बढ़ जाता है, जिससे आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ता है।
महिलाओं से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को लेकर एक अनोखे विरोध प्रदर्शन की घोषणा भी की है। उन्होंने राज्य की महिलाओं से अपील की है कि वे रविवार को काली साड़ी पहनकर सड़कों पर उतरें और अपने साथ बर्तन, कड़ाही और कटोरी लेकर विरोध जुलूस में शामिल हों।
ममता बनर्जी का कहना है कि इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर घर की रसोई पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस आंदोलन की मुख्य आवाज बनेंगी और महंगाई के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराएंगी।
केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
धरने के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी कीमत बढ़ोतरी से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने यह भी पूछा कि अगर किसी परिवार का गैस सिलेंडर खत्म हो जाता है और कीमत इतनी ज्यादा हो जाती है, तो ऐसे में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग कैसे अपनी जरूरतें पूरी करेंगे। उनके मुताबिक सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो आम जनता को राहत दें, न कि उनकी परेशानियों को बढ़ाएं।
शांतिपूर्ण विरोध की बात
ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि इस जुलूस का उद्देश्य किसी तरह की अशांति फैलाना नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं को सामने लाना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताना उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह प्रदर्शन अनुशासन और शांति के साथ आयोजित किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दे अक्सर चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में ममता बनर्जी का यह कदम आने वाले समय में राज्य की राजनीति को और गर्मा सकता है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि महिलाओं का यह विरोध प्रदर्शन किस तरह का असर डालता है और केंद्र सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

