Noshki lockdown: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के नौशकी जिले में सुरक्षा बलों ने कड़ा लॉकडाउन लागू कर दिया है, जिससे पूरा शहर छावनी में तब्दील होता नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि नागरिकों की आवाजाही लगभग पूरी तरह रोक दी गई है और प्रमुख मार्गों को सील कर दिया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार सुबह से ही नौशकी में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई। शहर के प्रमुख इलाकों—काजीआबाद, ग्रिड स्टेशन और गरीबाबाद—में चेकपोस्ट बनाकर लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कई जगहों पर स्थिति इतनी सख्त है कि शहर पूरी तरह घेराबंदी में नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों को बंद करा दिया गया है और लोगों को शहर के भीतर या बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ा है, जहां रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।
इस कार्रवाई से एक दिन पहले किल्ली कादिराबाद इलाके में भी सुरक्षा बलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई घंटों तक घेराबंदी रही और गोलीबारी की आवाजें भी सुनाई दीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी दौरान दो लोगों—आबिद मेंगल और ताहिर खान—को हिरासत में लेने की खबर सामने आई है, जिन्हें कथित तौर पर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
नौशकी में पिछले दो महीनों से पहले ही आंशिक कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए थे। बाजारों को शाम के समय जल्दी बंद करने का आदेश था और सुबह 9 बजे के बाद ही खोलने की अनुमति दी जाती थी। रात के समय लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ था।
बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने और कथित फर्जी मुठभेड़ों के मामलों को लेकर पहले से ही मानवाधिकार संगठनों की चिंता बनी हुई है। ऐसे में नौशकी में लागू यह सख्त लॉकडाउन स्थानीय लोगों के बीच डर और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। वहीं, स्थानीय नागरिकों में सरकार और प्रशासन के प्रति अविश्वास भी गहराता जा रहा है, जो आने वाले समय में बड़े सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है।

