Ukraine War के 4 साल: मैक्रों का बड़ा बयान, यूक्रेन को 170 अरब यूरो सहायता

Ukraine War
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Ukraine War के चार साल पूरे होने पर फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने एक बार फिर यूक्रेन के प्रति अपने अडिग समर्थन को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम यूक्रेन के साथ थे, हैं और रहेंगे।” मैक्रों ने इस संघर्ष को “रूस द्वारा चुना गया आक्रामक युद्ध” बताते हुए मॉस्को पर तीखा हमला बोला और कहा कि चार साल बाद भी यूक्रेन ने हार नहीं मानी है।

अपने संबोधन में मैक्रों ने युद्ध की मानवीय कीमत पर विशेष जोर दिया। उनके अनुसार, पिछले चार वर्षों में लगभग 15,000 यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। उन्होंने हिंसा, बलात्कार, यातना, युद्ध अपराध और हजारों बच्चों के जबरन निर्वासन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की खुली अवहेलना है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने दावा किया कि नवंबर 2022 के बाद से रूस केवल 1 प्रतिशत अतिरिक्त यूक्रेनी क्षेत्र पर ही कब्जा कर पाया है। उनका कहना था कि इतने लंबे संघर्ष के बावजूद रूस अपने बड़े रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध में 12 लाख से अधिक रूसी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं, जिससे रूस को सैन्य और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

मैक्रों ने कहा कि इस युद्ध ने यूरोप को पहले से अधिक एकजुट और मजबूत बना दिया है। उनके मुताबिक, इस संघर्ष के कारण NATO और अधिक सशक्त हुआ है। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को जारी रखने की बात दोहराई और रूस की तथाकथित “शैडो फ्लीट” पर कार्रवाई को जरूरी बताया।

यूरोपीय सहयोग पर बात करते हुए मैक्रों ने बताया कि यूरोप अब तक यूक्रेन को लगभग 170 अरब यूरो की वित्तीय, सैन्य और मानवीय सहायता दे चुका है। दिसंबर में यूरोपीय परिषद ने 90 अरब यूरो के ऋण पैकेज को मंजूरी दी, जिससे यूक्रेन को अगले दो वर्षों तक स्थिर वित्तीय सहयोग मिल सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हथियारों की आपूर्ति, सैनिकों का प्रशिक्षण, वायु रक्षा प्रणाली और एंटी-ड्रोन क्षमता को और मजबूत किया जाएगा।

मैक्रों ने यूक्रेन को “हमारे महाद्वीप की पहली रक्षा पंक्ति” बताया। उनका कहना था कि यूरोप की सुरक्षा आज यूक्रेन की धरती पर तय हो रही है। उन्होंने “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” के तहत सहयोग जारी रखने और अमेरिका के साथ सुरक्षा गारंटी को और मजबूत करने की बात कही। इससे यह संकेत मिलता है कि फ्रांस और यूरोप आने वाले समय में भी यूक्रेन को सैन्य और रणनीतिक समर्थन देते रहेंगे।

यूक्रेन की जनता को संबोधित करते हुए मैक्रों ने भावनात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हम आपके बारे में गहरी भावना के साथ सोचते हैं। आपने जो कष्ट सहे हैं, उन्हें हम कभी नहीं भूलेंगे।” उनके इस बयान से स्पष्ट है कि फ्रांस केवल कूटनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि नैतिक रूप से भी यूक्रेन के साथ खड़ा है।

युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में यह साफ हो गया है कि यूरोप और खासकर फ्रांस पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। मैक्रों का यह संदेश रूस के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंधों का सिलसिला जारी रहेगा। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कूटनीतिक प्रयास तेज होते हैं या संघर्ष और लंबा खिंचता है। फिलहाल, फ्रांस का रुख साफ है—यूक्रेन के समर्थन में कोई समझौता नहीं।