Iran Violenceके बीच नेपाल अलर्ट: नागरिकों के लिए सख्त ट्रैवल एडवाइजरी

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Iran Violence: ईरान में लगातार उग्र होते जनविरोध और हिंसक झड़पों के बीच नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे नेपाली नागरिकों और वहां यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए कड़ी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं और किसी भी तरह की लापरवाही नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

ईरान के कई शहरों में महंगाई, आर्थिक संकट, बेरोजगारी और शासन के खिलाफ गुस्से के चलते व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। नेपाल सरकार ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें, घरों के भीतर रहें, भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जो नेपाली नागरिक ईरान जाने की योजना बना रहे हैं, वे हालात सामान्य होने तक अपनी यात्रा स्थगित कर दें। मंत्रालय का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए नेपाल के विदेश मंत्रालय ने विशेष हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की हैं, ताकि संकट की स्थिति में नेपाली नागरिकों को तुरंत सहायता मिल सके। दूतावास और संबंधित अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

इस बीच, ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गई हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी HRANA के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 646 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 505 प्रदर्शनकारी शामिल बताए गए हैं। मृतकों में नौ बच्चे भी शामिल हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। इसके अलावा 133 सुरक्षाबलों के जवानों और कई आम नागरिकों की भी जान जाने की पुष्टि हुई है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरान सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाओं पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद कर दिया गया है और केवल घरेलू नेटवर्क ‘नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क’ (NIN) के जरिए सीमित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साइबर निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, ईरान में 108 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह कदम कथित “साइबर युद्ध” और विदेशी साजिशों से निपटने के लिए जरूरी है।

वहीं, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी तनाव बढ़ता दिख रहा है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह किसी भी संभावित सैन्य विकल्प के लिए पूरी तरह तैयार है। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने हिंसा, मौतों और नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर “भयभीत” होने की बात कही और संयम बरतने की अपील की है।

ईरान में जारी यह आंदोलन अब 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है और देश के 187 शहरों तक फैल चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभाले गए, तो इसका असर न केवल ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। यही वजह है कि नेपाल सहित कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है और हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।