India advisory Iran ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है। इसी बीच भारत सरकार ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए एक अहम ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे बिना देरी किए जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि वर्तमान हालात को देखते हुए ईरान में रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य सुरक्षित साधनों का उपयोग कर तुरंत देश से बाहर निकल जाएं। सरकार ने यह भी कहा है कि स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
एडवाइजरी में खास तौर पर चेतावनी दी गई है कि भारतीय नागरिक बिना अनुमति के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने की कोशिश न करें। ऐसा करना न केवल खतरनाक हो सकता है, बल्कि कानूनी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें, जो भारतीय दूतावास या स्थानीय प्रशासन द्वारा सुझाए गए हों।
भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों की सहायता के लिए कई इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
⚠️ Advisory as on 08 April 2026. pic.twitter.com/pusFQIAKKI
— India in Iran (@India_in_Iran) April 8, 2026
इमरजेंसी संपर्क नंबर:
+989128109115
+989128109109
+989128109102
+989932179359
ईमेल: [email protected]
इन हेल्पलाइन के जरिए नागरिकों को आवश्यक जानकारी, सहायता और निकासी से जुड़ी मदद प्रदान की जाएगी।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का ऐलान किया गया है, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल की तय समयसीमा से पहले इस सीजफायर की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने साथ ही ईरान को सख्त चेतावनी भी दी है।
ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलता, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है और इसके बंद होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इस पूरे संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अचानक बढ़ गया था। इसके बाद से स्थिति लगातार बिगड़ती गई और दोनों देशों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी। ट्रंप प्रशासन ने अब तक ईरान को कई बार समझौते का मौका दिया है, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आए हैं।
भारत सरकार की यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है, जब क्षेत्र में अनिश्चितता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही युद्धविराम लागू हो गया हो, लेकिन हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। ऐसे में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।
कुल मिलाकर, भारत सरकार ने अपने नागरिकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे स्थिति को हल्के में न लें और जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों की ओर प्रस्थान करें। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन फिलहाल सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

