चीन की राजनीति और सेना के गलियारों में बड़ा भूचाल मच गया है। चीनी सेना के आधिकारिक मुखपत्र ‘पीएलए डेली’ में रविवार को प्रकाशित एक संपादकीय में देश के दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों—झांग यूक्सिया और वरिष्ठ जनरल लियू जेनली—पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लेख में कहा गया है कि इन अधिकारियों ने सशस्त्र बलों पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के पूर्ण नियंत्रण को चुनौती दी, जिससे पार्टी के शासन और सैन्य अनुशासन को खतरा पैदा हुआ।
संपादकीय के अनुसार, दोनों जनरलों पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के आरोप हैं। इन्हीं वजहों से उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है। लेख में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि सशस्त्र बलों पर पार्टी के पूर्ण नियंत्रण को चुनौती देना “बेहद गंभीर अपराध” माना जाता है, क्योंकि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) सीधे तौर पर CPC के नेतृत्व में काम करती है।
शी जिनपिंग की नीति पर सीधी चोट
शी जिनपिंग के 2012 में सत्ता में आने के बाद से ही उन्होंने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि चीनी सेना का अंतिम नियंत्रण कम्युनिस्ट पार्टी के हाथ में होना चाहिए। शी जिनपिंग न सिर्फ चीन के राष्ट्रपति हैं, बल्कि CPC और केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के भी प्रमुख हैं। वह शीर्ष सैन्य अधिकारियों को बार-बार यह याद दिलाते रहे हैं कि “बंदूक पार्टी के हाथ में है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के प्रति निष्ठा पर दिया जा रहा यह जोर दरअसल शी जिनपिंग के व्यक्तिगत नियंत्रण को मजबूत करने का तरीका भी है, क्योंकि उन्हें पार्टी का ‘मुख्य नेता’ घोषित किया गया है। ऐसे में सेना के भीतर किसी भी तरह की असहमति या स्वतंत्र शक्ति केंद्र को सीधे चुनौती के रूप में देखा जाता है।
झांग यूक्सिया पर क्यों गिरी गाज?
75 वर्षीय झांग यूक्सिया का मामला सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है। वह केंद्रीय सैन्य आयोग के प्रथम श्रेणी के उपाध्यक्ष हैं और वर्दीधारी अधिकारियों में सबसे ऊंचे पद पर माने जाते हैं। CMC, शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी सेना की सर्वोच्च कमान है, और उसमें यूक्सिया की हैसियत बेहद प्रभावशाली रही है।
पर्यवेक्षकों के अनुसार, शी जिनपिंग को यह आशंका हो सकती है कि यूक्सिया जैसे ताकतवर जनरल उनके नेतृत्व को कमजोर कर सकते हैं। खबरों के मुताबिक, यूक्सिया को सोमवार को सैन्य भ्रष्टाचार जांचकर्ताओं ने हिरासत में लिया। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि उनका अंजाम भी उन दो रक्षा मंत्रियों और आठ अन्य जनरलों जैसा हो सकता है, जिन्हें 2023 के बाद से पद से हटाया जा चुका है।
भ्रष्टाचार और राजनीतिक चूक के आरोप
यूक्सिया पर भ्रष्टाचार में शामिल होने, अपने करीबी सहयोगियों और परिवार के सदस्यों पर नियंत्रण न रख पाने और पार्टी नेतृत्व को समय रहते समस्याओं की जानकारी न देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि उन्होंने राजनीतिक अनुशासन को कमजोर किया, जो पार्टी की नजर में सबसे बड़ा अपराध माना जाता है।
सेना में जारी शुद्धिकरण अभियान
यह पूरा घटनाक्रम चीन में चल रहे सैन्य शुद्धिकरण अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। भले ही इन कार्रवाइयों को भ्रष्टाचार विरोधी कदम बताया जा रहा हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सत्ता को और अधिक केंद्रीकृत करने की रणनीति भी छिपी हुई है।

