Republic Day Row: राहुल-खरगे की सीट पर कांग्रेस-BJP आमने सामने

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Republic Day Row: गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर सोमवार को सियासी घमासान तेज हो गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कर्तव्य पथ पर आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को तीसरी पंक्ति में बैठाकर उनका अपमान किया गया। पार्टी का कहना है कि यह न सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है।

कांग्रेस नेताओं ने समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि विपक्ष के शीर्ष नेताओं को जानबूझकर पीछे की पंक्तियों में बैठाया गया। तस्वीरों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी के साथ तीसरी पंक्ति में नजर आए। हालांकि बाद में खरगे को पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बगल में पहली पंक्ति में स्थान दिया गया, लेकिन तब तक विवाद तूल पकड़ चुका था।

कांग्रेस का आरोप: शिष्टाचार और परंपरा टूटी

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ‘एक्स’ पर तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार शिष्टाचार, परंपरा और प्रोटोकॉल के मानकों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि यह रवैया सरकार की हताशा और हीन भावना को दर्शाता है। सुरजेवाला के मुताबिक, लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इस तरह का बर्ताव स्वीकार्य नहीं हो सकता।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भी इसे “प्रोटोकॉल और शिष्टाचार का घोर उल्लंघन” बताया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। तन्खा ने यह भी कहा कि जब सुषमा स्वराज और अरुण जेटली विपक्ष के नेता थे, तब उन्हें कभी इस तरह पीछे नहीं बैठाया गया।

पुराने उदाहरणों का हवाला

लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर ने 2014 की एक तस्वीर साझा की, जिसमें एल.के. आडवाणी पहली पंक्ति में बैठे नजर आते हैं। उनके साथ केंद्रीय मंत्री और सोनिया गांधी भी उसी पंक्ति में दिखाई देते हैं। टैगोर ने सवाल किया कि अगर तब ऐसा संभव था, तो अब प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया जा रहा? क्या यह इसलिए है कि मौजूदा नेतृत्व राहुल गांधी और खरगे का अपमान करना चाहता है?

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का राजनीतिक और संवैधानिक महत्व है और उन्हें पीछे की पंक्तियों में बैठाना केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष और लोकतंत्र का अपमान है।

BJP का पलटवार

विवाद पर भाजपा ने कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस एक बार फिर विशेषाधिकार और अहंकार की राजनीति कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठने की व्यवस्था एक तय वरीयता सूची (Warrant of Precedence) के अनुसार होती है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी के आसपास कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी बैठे थे, लेकिन किसी ने इसे मुद्दा नहीं बनाया।

भाजपा ने यह सवाल भी उठाया कि राहुल गांधी उपराष्ट्रपति और प्रधान न्यायाधीश के शपथ ग्रहण जैसे अहम कार्यक्रमों में क्यों शामिल नहीं हुए। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस इसे बेवजह राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

सियासत जारी

यह पहला मौका नहीं है जब गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। हालांकि, इस बार विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए हैं, जिससे यह मुद्दा केवल प्रोटोकॉल तक सीमित न रहकर राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।