Noida News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों मजदूरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन और वेतन संबंधी शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने निजी कंपनियों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य मजदूरों को उनका हक दिलाना और कार्यस्थल पर पारदर्शिता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सबसे अहम बदलाव ओवरटाइम को लेकर किया गया है। अब यदि कोई कर्मचारी अपनी निर्धारित शिफ्ट के बाद अतिरिक्त काम करता है, तो उसे सामान्य वेतन के मुकाबले दोगुना भुगतान किया जाएगा। प्रशासन ने साफ किया है कि इसमें किसी भी प्रकार की कटौती या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही, वेतन भुगतान को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब सभी कंपनियों को हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों के बैंक खातों में पूरी सैलरी ट्रांसफर करनी होगी। इसके अलावा, कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि वे अपने भुगतान का पूरा रिकॉर्ड रख सकें।
बोनस को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब कंपनियों को हर साल 30 नवंबर तक कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि जमा करनी होगी। इससे मजदूरों को बार-बार चक्कर लगाने या देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
छुट्टी के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब सप्ताह में एक दिन की छुट्टी अनिवार्य होगी। अगर किसी विशेष परिस्थिति में कर्मचारियों से रविवार को काम लिया जाता है, तो उस दिन के लिए भी दोगुना भुगतान करना होगा। यह नियम कर्मचारियों के काम और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
प्रशासन ने भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकद लेनदेन पर रोक लगा दी है। अब वेतन और बोनस का भुगतान केवल बैंक खातों के माध्यम से ही किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। हर कंपनी में एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य होगा, जिसकी अध्यक्ष एक महिला होगी। इसके अलावा, कार्यस्थलों पर शिकायत पेटी, हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी, ताकि महिलाएं सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।
यह फैसला तब लिया गया जब पिछले कुछ दिनों से Noida और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर वेतन में देरी और कटौती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति को गंभीर होता देख जिला प्रशासन ने उद्योगपतियों के साथ बैठक की और स्पष्ट कर दिया कि अब मजदूरों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करेगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य गौतम बुद्ध नगर को श्रम सुधारों के मामले में एक आदर्श जिले के रूप में विकसित करना है।

