UP Power Supply Plan 2026: यूपी में बिजली संकट से निपटने की तैयारी, 34,000 मेगावाट सप्लाई का प्लान

UP Power Supply Plan 2026
UP Power Supply Plan 2026

UP Power Supply Plan 2026: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और तापमान के बीच बिजली की मांग में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य के ऊर्जा विभाग ने इस वर्ष संभावित पीक डिमांड को ध्यान में रखते हुए करीब 34,000 मेगावाट बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुचारु बिजली आपूर्ति मिल सके।

ऊर्जा विभाग के अनुसार, अप्रैल से सितंबर के बीच हर साल बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है, क्योंकि इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है। इस वर्ष भी जून के महीने में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 33,375 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, मई और जुलाई में यह मांग 31,000 से 32,000 मेगावाट के बीच रहने की संभावना है। इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से ही तैयारी तेज कर दी है।

राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कई प्रमुख थर्मल पावर परियोजनाओं को सक्रिय कर दिया गया है। घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, ओबरा और जवाहरपुर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। इन परियोजनाओं के चालू होने से राज्य की कुल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

विशेष रूप से घाटमपुर पावर प्रोजेक्ट की तीसरी यूनिट के 30 अप्रैल तक चालू होने की संभावना है। इसके शुरू होते ही बिजली आपूर्ति और मजबूत होगी, जिससे पीक डिमांड के दौरान भी स्थिति नियंत्रण में बनी रहेगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी हाल में बिजली कटौती की नौबत न आए और उपभोक्ताओं को लगातार बिजली मिलती रहे।

ऊर्जा विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पीक आवर्स के दौरान करीब 80 प्रतिशत बिजली की मांग पहले से किए गए लॉन्ग टर्म समझौतों (एमओयू) के जरिए पूरी की जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बिजली खरीदने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे।

राज्य सरकार ने अन्य राज्यों के साथ बिजली की ‘बैंकिंग’ व्यवस्था भी की है। इसके तहत करीब 4,663 मिलियन यूनिट बिजली का आदान-प्रदान संभव होगा। इस व्यवस्था के जरिए जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों से बिजली ली जा सकेगी और बाद में उसे वापस किया जाएगा। यह कदम आपात स्थिति में बिजली संकट से बचने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में लोगों को निर्बाध बिजली मिलना बेहद जरूरी है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा।

इसके साथ ही, राज्य में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। बिजली लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और सबस्टेशनों की नियमित जांच और मरम्मत की जा रही है, ताकि तकनीकी खराबियों की वजह से सप्लाई प्रभावित न हो।

सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बिजली आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दोनों क्षेत्रों में समान रूप से बिजली उपलब्ध हो और किसी भी क्षेत्र को कम आपूर्ति का सामना न करना पड़े।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार भीषण गर्मी के दौरान संभावित बिजली संकट से निपटने के लिए पहले से ही व्यापक और ठोस रणनीति तैयार कर ली है। यदि सभी योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो इस बार राज्य के लोगों को बिजली कटौती से काफी हद तक राहत मिल सकती है।