Noida News: उत्तर प्रदेश के Noida में पुलिस ने एक बड़े फर्जी जॉब रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए देश और विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से हजारों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार Noida Police की Sector 113 Police Station Noida टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने Sector 73 Noida स्थित एंथूरियम बिजनेस पार्क में छापा मारकर पूरे नेटवर्क को पकड़ा।
सोशल मीडिया के जरिए बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन मुख्य आरोपी सरीम खान और शोएब खान कर रहे थे। दोनों आरोपी “एम/एस रिक्रूट सर्विस” नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान कर “We Are Hiring” जैसे विज्ञापन चलाते थे।
इन विज्ञापनों के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाया जाता था। इच्छुक उम्मीदवारों को पहले ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए कहा जाता और फिर उन्हें क्रूज शिप या विदेश की कंपनियों में अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता।
आरोपी दावा करते थे कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से सीधा संपर्क है और वे उम्मीदवारों को जल्दी नौकरी दिला सकते हैं। इस झांसे में आकर कई युवा उनके संपर्क में आ जाते थे।
40 से 60 हजार रुपये तक की वसूली
पुलिस के अनुसार गिरोह उम्मीदवारों से प्रोसेसिंग फीस और डॉक्यूमेंटेशन के नाम पर 40 हजार से 60 हजार रुपये तक की रकम वसूलता था। पैसे मिलने के बाद आरोपी पीड़ितों को ई-मेल के जरिए फर्जी जॉइनिंग लेटर भेज देते थे।
फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद कई पीड़ितों को विश्वास हो जाता था कि उनकी नौकरी लग गई है। लेकिन कुछ समय बाद जब नौकरी की कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती थी, तब उन्हें ठगी का एहसास होता था।
किराए के ऑफिस से चल रहा था पूरा रैकेट
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने Anthuriam Business Park Noida में किराए पर एक ऑफिस लिया हुआ था। इसी ऑफिस से सोशल मीडिया विज्ञापन चलाए जाते थे और लोगों से संपर्क कर पूरी ठगी की योजना को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, पांच मॉनिटर, पांच कीबोर्ड, पांच सीपीयू, पांच माउस, एक राउटर, दो मोहर, दो चेकबुक, दो सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरीम खान, शोएब खान, रितिका, मन्तसा अब्बासी, फातिमा और खुशी उर्फ खुशबू के रूप में हुई है।
आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ Information Technology Act 2000 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कुल कितनी रकम की ठगी की गई है।
पुलिस ने लोगों को दी चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर नौकरी से जुड़े किसी भी विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें। बिना सत्यापन के किसी भी एजेंसी या व्यक्ति को पैसे देना जोखिम भरा हो सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी को ऐसे संदिग्ध जॉब ऑफर या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते ऐसे साइबर ठगी गिरोहों पर कार्रवाई की जा सके।

