Noida Cyber Fraud। शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने सेक्टर-143 निवासी कारोबारी प्रथम अग्रवाल से 61 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक निवेश विज्ञापन के जरिए उन्हें अपने जाल में फंसाया और एक नकली मोबाइल ऐप पर झूठा मुनाफा दिखाते हुए बार-बार निवेश कराने को कहा। मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ऐसे फंसा कारोबारी
अप्रैल 2025 में प्रथम अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा जिसमें शेयर बाजार से भारी मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करते ही वे एक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ गए, जहां कई लोग फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे। धीरे-धीरे उनका भरोसा जीतने के बाद एक सदस्य ने निजी चैट पर उनसे बात शुरू की और निवेश के लिए राज़ी कर लिया।
शुरुआत में उन्होंने कम रकम लगाई और उन्हें थोड़ा-सा मुनाफा निकालने भी दिया गया, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया। इसी भरोसे में उन्होंने लगभग 61 लाख रुपये दस से अधिक किस्तों में निवेश कर दिए।
ऐप पर दिखाया गया फर्जी मुनाफा
ठगों ने एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया, जिसमें उनकी निवेश राशि और मुनाफा लगातार बढ़ता दिखाया जा रहा था। ऐप पर कुल रकम एक करोड़ रुपये से ज्यादा दिखने लगी। लेकिन जब प्रथम ने मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए।
जब उन्होंने अतिरिक्त राशि देने से इनकार किया, तो ठगों ने उनसे संपर्क तोड़ लिया। तभी उन्हें समझ आया कि पूरा ग्रुप ठगों का नेटवर्क था और सभी सदस्य नकली पहचान से काम कर रहे थे।
पुलिस की जांच जारी
साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बताया कि ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों की जांच की जा रही है। कुछ खातों में जमा राशि को फ्रीज किया जा चुका है और बाकी की रकम पर कार्रवाई जारी है।
जांच में सामने आया है कि ठगों ने किराये के बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) का इस्तेमाल किया था। ऐसे खातों के मालिक ठगों को ट्रांजैक्शन पर कमीशन देते हैं। अब तक ऐसे मामलों में 30 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने उन लोगों की भी तलाश शुरू कर दी है जिन्होंने अपने खातों को ठगों को इस्तेमाल के लिए दिया था।

