Bulandshahr news : दीपावली से पहले बुलंदशहर में बड़ा भंडाफोड़: शिकारपुर में 30 क्विंटल मिलावटी मिठाइयाँ जब्त

Close-up image showing bowls of traditional Indian sweets — Rasgullas on the left in light syrup and Gulab Jamuns on the right in dark sugar syrup
Freshly prepared Rasgullas and Gulab Jamuns served in syrup, showcasing the soft texture and rich color of India’s most loved festive desserts.

Bulandshahr news। दीपावली से ठीक पहले जनपद के शिकारपुर कस्बे में फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने मिलावटी मिठाई निर्माण का बड़ा भंडाफोड़ किया है। टीम ने तेवतिया स्वीट डेयरी पर छापा मारकर वहाँ तैयार हो रहे रसगुल्ले और गुलाब जामुन को जब्त किया, जो मेज स्टार्च और हानिकारक केमिकल से बनाए जा रहे थे।

जांच के दौरान टीम को करीब 30 क्विंटल मिठाइयाँ बरामद हुईं, जिन्हें जंग लगे कनस्तरों में पैक किया जा रहा था। फूड सेफ्टी अधिकारियों के अनुसार, निर्माण स्थल पर न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा गया था और न ही मानक सामग्री का प्रयोग किया जा रहा था। जांच में मिठाइयों की चाशनी में मक्खियाँ और मच्छर तैरते हुए मिले।

अधिकारियों ने मौके पर ही बरामद सभी मिलावटी रसगुल्ले और गुलाब जामुन नष्ट कराए, जबकि 5 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। प्राथमिक जांच से पता चला है कि मिठाइयों में प्रयोग किया गया मेज स्टार्च और सिंथेटिक केमिकल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। इससे पाचन तंत्र, लिवर और किडनी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। Bulandshahr news

दीपावली से पहले बढ़ाई गई निगरानी

फूड सेफ्टी विभाग ने दीपावली को देखते हुए पूरे जनपद में सघन जांच अभियान तेज कर दिया है। बुलंदशहर, सिकंदराबाद, अनूपशहर और आसपास के क्षेत्रों में मिठाई निर्माण इकाइयों, डेयरियों और गोदामों की जांच की जा रही है।

जिला फूड सेफ्टी अधिकारी ने बताया कि दीपावली के दौरान मिठाइयों की मांग बहुत बढ़ जाती है, जिसका फायदा कुछ लालची व्यापारी उठाने की कोशिश करते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मिठाई सिर्फ लाइसेंस प्राप्त और साफ-सुथरी दुकानों से ही खरीदें।

अधिकारी ने कहा, “यदि मिठाई की चमक अस्वाभाविक लगे, उसका स्वाद या खुशबू रासायनिक लगे, तो उसे तुरंत न खरीदें और न खाएँ। संदिग्ध मिठाइयों की जानकारी विभाग को दें।” Bulandshahr news

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

चिकित्सकों का कहना है कि रासायनिक रूप से तैयार मिठाइयों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, गंभीर संक्रमण, और लंबे समय में लीवर या किडनी की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सस्ते या थोक मिठाइयाँ खरीदने से बचें और भरोसेमंद दुकानों से ही ताज़ी मिठाइयाँ लें।

स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरी नाराज़गी जताई है। शिकारपुर के निवासी रवि कुमार, जो एक शिक्षक हैं, ने कहा, “त्योहारों का मतलब खुशी और मिठास फैलाना होता है, लेकिन कुछ लालची लोग इसे ज़हर में बदल रहे हैं।”

विभाग ने बताया कि दोषी पाए जाने वाले मिठाई निर्माता के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सज़ा का प्रावधान है।

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दीपावली के दौरान खाद्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे संदिग्ध दुकानों या गंदी परिस्थितियों में मिठाई बेचने वालों की जानकारी फूड सेफ्टी हेल्पलाइन पर दें।