नई दिल्ली। नई दिल्ली से वाराणसी जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22416) में रविवार शाम अचानक धुआं भरने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना ट्रेन के कोच सी-15 में कानपुर के पास हुई। धुआं दिखाई देने के बाद ट्रेन को तुरंत रोका गया और करीब 15 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही। थोड़ी देर में स्थिति सामान्य हुई तो ट्रेन को फिर से रवाना किया गया। फिलहाल धुएं के कारणों की जांच रेलवे विभाग द्वारा की जा रही है।
धुएं से घबरा गए यात्री, कोच में मचा हड़कंप
ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि कोच के अंदर अचानक धुआं फैल गया, जिससे लोग घबरा गए। कई यात्रियों ने अपनी सीटें छोड़ दीं और दरवाजे की ओर भागने लगे। “कुछ देर के लिए माहौल बहुत तनावपूर्ण था, लोग एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या हुआ है। बच्चे रोने लगे थे,” यात्री ने बताया। रेलवे स्टाफ ने तुरंत कोच के बिजली कनेक्शन और सिस्टम की जांच की और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाया।
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15 मिनट रुकी रही ट्रेन, तकनीकी टीम ने की जांच
सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन कानपुर सेंट्रल के आगे एक सेफ्टी ब्लॉक पर लगभग 15 मिनट तक खड़ी रही। इस दौरान रेलवे की तकनीकी टीम ने कोच में जाकर जांच की।
प्रारंभिक जांच में अभी तक किसी आग या इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट के प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सिस्टम की गहन जांच जारी है। रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि, “धुएं की घटना मामूली तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ी हो सकती है, परंतु सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।”
रेलवे ने दिया बयान – सभी यात्री सुरक्षित
उत्तर मध्य रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वंदे भारत एक्सप्रेस में धुआं दिखाई देने की सूचना के बाद ट्रेन को रोका गया था।
“सभी यात्री सुरक्षित हैं, ट्रेन की जांच पूरी होने के बाद उसे आगे रवाना कर दिया गया,” विभाग ने कहा।
रेलवे ने स्पष्ट किया कि कोई आग नहीं लगी थी, बल्कि यह एक एहतियाती कदम था ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
वंदे भारत ट्रेनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर वंदे भारत ट्रेनों की तकनीकी सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले भी कुछ ट्रेनों में मामूली तकनीकी खराबी, दरवाजे लॉक सिस्टम और पेंटोग्राफ में फॉल्ट जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत ट्रेनें उच्च तकनीक पर आधारित हैं और किसी भी समस्या का समाधान तुरंत किया जाता है।
रेल विशेषज्ञ (जैसे भारतीय रेल तकनीकी संघ के एक सदस्य) का कहना है, “वंदे भारत एक आधुनिक ट्रेन है, लेकिन इसके नियमित मेंटेनेंस पर निरंतर ध्यान देना बेहद जरूरी है, खासकर जब यह लंबी दूरी और हाई-स्पीड रूट पर चल रही हो।”
सतर्कता ने टाली बड़ी घटना
रेलवे की त्वरित कार्रवाई से यह घटना किसी बड़ी दुर्घटना में नहीं बदली। धुआं उठने का सही कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि समय पर की गई जांच और स्टाफ की तत्परता ने स्थिति को नियंत्रित रखा। यात्रियों ने भी राहत की सांस ली कि किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल रेलवे ने तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने और सिस्टम रिव्यू के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

