इंदौर : इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। मेघालय की शिलांग पुलिस ने इस मामले में 790 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है। इस समय राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी समेत चार आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि तीन आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं। अब सोनम की ओर से भी जमानत की कोशिशें तेज हो गई हैं।
भाई विपिन रघुवंशी का आरोप
राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चार्जशीट में सभी आरोपियों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पहले कुछ आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और अब सोनम की जमानत के प्रयास किए जा रहे हैं। विपिन ने साफ कहा कि परिवार न्याय की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगा और सोनम की जमानत का पुरजोर विरोध करेगा।
कैसे हुआ था खुलासा
23 मई को राजा रघुवंशी पत्नी सोनम के साथ हनीमून पर शिलांग पहुंचे थे। इसके बाद वह अचानक लापता हो गए और 2 जून को उनका शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि इस हत्या की साजिश में खुद सोनम भी शामिल थी। पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया।
इसी केस में सोनम के भाई की फैक्ट्री में काम करने वाले राज कुशवाहा और उसके तीन साथियों को भी पकड़ा गया। इसके अलावा, इंदौर में सोनम को किराए का फ्लैट दिलाने वाले शिलांग के ब्रोकर जेम्स, फ्लैट मालिक लोकेंद्र सिंह और चौकीदार बलबीर पर भी केस दर्ज किया गया, हालांकि उन्हें बाद में जमानत मिल गई।
परिवार की उम्मीदें
विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें सरकार और जांच एजेंसियों से पूरी उम्मीद है कि उनके भाई को न्याय मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि परिवार इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा। अब सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।

