Pakistan-Afghanistan Tension: ईद से पहले पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में बमबारी का आरोप

Pakistan-Afghanistan Tension
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Pakistan-Afghanistan Tension: ईद जैसे पवित्र अवसर पर शांति की उम्मीद के बीच Pakistan और Afghanistan के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। जहां दोनों देशों ने ईद-उल-फितर के मौके पर अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा की थी, वहीं अब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर इस समझौते को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।

अफगान अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने ईद से कुछ घंटे पहले ही सीजफायर का उल्लंघन करते हुए कुनार प्रांत के कई इलाकों में भारी गोलाबारी की। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 72 गोले दागे गए, जिससे सीमा क्षेत्रों में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया।

कुनार प्रांत में भारी गोलाबारी

अफगानिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि Kunar Province के नराई जिले के डोकालाम, बारिकोट और सोंगालाई जैसे इलाकों में 35 गोले दागे गए। वहीं मनोगाई जिले में 37 गोले गिरने की पुष्टि की गई है।

इन हमलों के कारण स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है, खासकर ऐसे समय में जब लोग ईद मनाने के लिए अपने घरों की ओर लौट रहे थे। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई इलाकों में लगातार फायरिंग की खबरें सामने आ रही हैं।

अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ने जानबूझकर उन क्षेत्रों को निशाना बनाया, जहां आम नागरिक मौजूद थे। इससे दोनों देशों के बीच विश्वास और भी कमजोर हुआ है।

सीजफायर क्यों टूटा?

ईद-उल-फितर के मद्देनजर दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम लागू करने का फैसला किया था। पाकिस्तान ने 18/19 मार्च से 23/24 मार्च तक सीजफायर की घोषणा की थी, जबकि अफगानिस्तान ने भी रक्षात्मक सैन्य गतिविधियों को रोकने की बात कही थी।

लेकिन जैसे ही यह समझौता लागू हुआ, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर इसे तोड़ने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। पाकिस्तान की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

‘गजब-लिल-हक’ ऑपरेशन बना कारण

इस पूरे तनाव की जड़ पाकिस्तान का सैन्य अभियान ‘गजब-लिल-हक’ बताया जा रहा है, जो 26 फरवरी से जारी है। पाकिस्तान का दावा है कि इस ऑपरेशन के तहत उसने 700 से ज्यादा उग्रवादियों को मार गिराया है और 900 से अधिक को घायल किया है।

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उसने इस अभियान में आतंकवादी ठिकानों, हथियारों के भंडार और ड्रोन बेस को निशाना बनाया है। हालांकि, अफगानिस्तान का आरोप है कि इन हमलों में आम नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं और सीमा पार तनाव बढ़ रहा है।

सीमा पर बढ़ती अस्थिरता

Afghanistan और Pakistan के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। सीमा विवाद, आतंकवाद और राजनीतिक मतभेदों ने दोनों देशों के रिश्तों को जटिल बना दिया है।

ईद के मौके पर हुआ यह ताजा घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी अभी भी गहरी है। शांति के प्रयास बार-बार विफल होते नजर आ रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ रहा है।

ईद जैसे मौके पर जहां शांति और भाईचारे की उम्मीद की जाती है, वहां इस तरह के आरोप और हमले चिंता का विषय हैं। दोनों देशों को चाहिए कि वे बातचीत और कूटनीति के जरिए इस तनाव को कम करें, ताकि सीमा पर रहने वाले लोगों को राहत मिल सके।

फिलहाल, हालात नाजुक बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश इस तनाव को कम करने के लिए ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।