Modi-Macron Appeal: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और फ्रांस ने शांति और कूटनीति का मजबूत संदेश दिया है। Narendra Modi ने गुरुवार को Emmanuel Macron के साथ टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
इस बातचीत में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि यदि मौजूदा हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता, ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक संतुलन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
रणनीतिक बातचीत में शांति पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों को अपना “प्रिय मित्र” बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तनाव कम करने (डी-एस्केलेशन) और संवाद की दिशा में तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है। दोनों देशों ने यह भी भरोसा दिलाया कि वे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखेंगे।
ओमान के सुल्तान से भी अहम चर्चा
मैक्रों से बातचीत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने Haitham bin Tariq से भी विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ओमान और वहां की जनता को ईद की शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने इस बातचीत में क्षेत्रीय संप्रभुता और अखंडता के महत्व पर जोर देते हुए किसी भी प्रकार के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। उन्होंने मौजूदा संकट के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ती चिंता
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से Strait of Hormuz को लेकर चिंता जताई। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है।
हाल के दिनों में Iran द्वारा इस जलमार्ग को बंद करने की संभावित चेतावनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। यदि ऐसा होता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों, वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर इसे सुरक्षित बनाए रखना होगा।
वैश्विक स्थिरता के लिए कूटनीति जरूरी
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि भारत और फ्रांस जैसे प्रमुख देश इस संकट को केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं मानते, बल्कि इसे वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़ा विषय समझते हैं।
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है, जिससे स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Narendra Modi और Emmanuel Macron की यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति का एक मजबूत संदेश देती है।
जहां एक ओर दुनिया युद्ध और टकराव के खतरे से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर प्रमुख वैश्विक नेता संवाद और सहयोग के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह कूटनीतिक प्रयास क्षेत्र में स्थिरता ला पाते हैं या नहीं।

