प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे पसंदीदा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने हुए हैं, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की लोकप्रियता में बीते कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह निष्कर्ष इंडिया टुडे–सीवोटर मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे के जनवरी 2026 संस्करण में सामने आया है।
सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि भारतीय राजनीति में जहां शीर्ष नेतृत्व को लेकर स्थिरता बनी हुई है, वहीं मतदाता धारणा में धीरे-धीरे बदलाव के संकेत भी स्पष्ट दिख रहे हैं।
प्रधानमंत्री पद की पसंद: मोदी सबसे आगे, राहुल की स्थिति मजबूत
सर्वे के अनुसार, 55 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी को अपनी पहली पसंद बताया है। यह आंकड़ा अगस्त 2025 में 52 प्रतिशत और अगस्त 2024 में 49 प्रतिशत था, जो दर्शाता है कि समय के साथ मोदी की लोकप्रियता और मजबूत हुई है।
वहीं, राहुल गांधी की स्वीकार्यता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 27 प्रतिशत लोग उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त मानते हैं। पिछली सर्वे रिपोर्ट में यह आंकड़ा 25 प्रतिशत था, जबकि जनवरी 2022 में केवल 7 प्रतिशत लोग ही उनके पक्ष में थे।
चार वर्षों के ट्रेंड डेटा से स्पष्ट है कि राहुल गांधी की सार्वजनिक छवि में धीरे-धीरे सुधार हुआ है और वे एक राष्ट्रीय नेता के रूप में पहले से अधिक स्वीकार किए जा रहे हैं।
हालांकि, इसके बावजूद नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच लोकप्रियता का अंतर अब भी काफी बड़ा बना हुआ है।
लोकसभा सीटों का अनुमान: बीजेपी की वापसी, कांग्रेस को झटका
एमओटीएन सर्वे ने यदि आज लोकसभा चुनाव हों तो संभावित सीटों का भी अनुमान लगाया है।
इसके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 287 सीटें मिलने का अनुमान है। यह अगस्त 2025 के सर्वे से 27 सीट अधिक है और 2024 के आम चुनाव में मिली 240 सीटों की तुलना में भी एक बड़ी रिकवरी मानी जा रही है।
दूसरी ओर, कांग्रेस को केवल 80 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पिछले सर्वे से 17 सीट कम है और 2024 के चुनाव में जीती गई 99 सीटों से काफी नीचे है।
अन्य क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों को मिलाकर 176 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पिछले सर्वे की तुलना में 10 सीट कम है।
ये आंकड़े संकेत देते हैं कि बीजेपी ने 2024 के बाद दोबारा राजनीतिक बढ़त हासिल की है, जबकि कांग्रेस अपनी उस बढ़त को कायम रखने में नाकाम रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रदर्शन पर जनता की राय स्थिर
आर्थिक चुनौतियों और शासन से जुड़े मुद्दों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज को लेकर जनता की राय में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा है।
जनवरी 2026 में 57 प्रतिशत लोगों ने मोदी के प्रदर्शन को “अच्छा” बताया, जो अगस्त 2025 में 58 प्रतिशत और अगस्त 2024 में 59 प्रतिशत था।
करीब 16 प्रतिशत लोगों ने उनके प्रदर्शन को “औसत”, जबकि 24 प्रतिशत ने “खराब” बताया। इन आंकड़ों में पिछले एक वर्ष में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिला है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मोदी का कोर समर्थन आधार काफी हद तक स्थिर है।
राहुल गांधी की बढ़ती पहचान, लेकिन सीमित राजनीतिक लाभ
राहुल गांधी के बढ़ते आंकड़े उनकी बढ़ी हुई सार्वजनिक सक्रियता और राष्ट्रीय मुद्दों पर मुखर उपस्थिति को दर्शाते हैं। 2022 के बाद से उनकी प्रधानमंत्री पद की पसंद लगभग चार गुना बढ़ना इस बात का संकेत है कि वे कांग्रेस के पारंपरिक मतदाताओं से आगे भी स्वीकार किए जा रहे हैं।
हालांकि, सर्वे यह भी दर्शाता है कि राहुल गांधी की व्यक्तिगत लोकप्रियता का सीधा लाभ अभी कांग्रेस को चुनावी स्तर पर नहीं मिल पाया है। संगठनात्मक कमजोरियां, राज्यों में नेतृत्व संकट और गठबंधन रणनीति की कमी पार्टी के लिए अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राजनीतिक परिदृश्य का संकेत
जनवरी 2026 का एमओटीएन सर्वे एक ऐसे राजनीतिक परिदृश्य को दर्शाता है, जहां नेतृत्व में निरंतरता बनी हुई है, लेकिन विपक्ष में धीरे-धीरे बदलाव के संकेत उभर रहे हैं। नरेंद्र मोदी फिलहाल प्रधानमंत्री पद की दौड़ में निर्विवाद रूप से सबसे आगे हैं, जबकि राहुल गांधी की बढ़ती स्वीकार्यता भविष्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है—बशर्ते कांग्रेस इसे संगठनात्मक और चुनावी रणनीति में बदल सके।

