दिल्ली में राशन कार्ड के नए नियम लागू, इन 7 श्रेणियों को नहीं मिलेगा लाभ

Delhi Ration Card
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Delhi Ration Card Rule: दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स, 2026’ की अधिसूचना जारी कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड के पात्रता मानदंडों में अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण संशोधन परिवार की वार्षिक आय सीमा में किया गया है, जिसे 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक लाभ पहुंचाना और प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

अब पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक अपने मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे।

हालांकि, आवेदन करते समय दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी आवेदनों की सख्ती से जांच की जाएगी ताकि केवल पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ मिल सके।

इन 7 श्रेणियों के लोग होंगे अपात्र

सरकार ने कुछ स्पष्ट अपात्रता शर्तें तय की हैं। निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले परिवारों को नया राशन कार्ड जारी नहीं किया जाएगा:

  1. जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.2 लाख रुपये से अधिक है।

  2. जिनके परिवार का कोई सदस्य आयकर रिटर्न भरता है।

  3. जिनके पास ए से ई कैटेगरी में निजी संपत्ति है।

  4. जिनके पास निजी चार पहिया वाहन (कार) है। हालांकि आजीविका के लिए उपयोग होने वाले व्यावसायिक वाहन इस श्रेणी से बाहर रहेंगे।

  5. जिनके घर में 2 किलोवाट से अधिक क्षमता का बिजली कनेक्शन है।

  6. सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थानों में कार्यरत व्यक्ति।

  7. वे परिवार जो पहले से किसी अन्य सरकारी खाद्य सब्सिडी योजना का लाभ ले रहे हैं।

इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को ही सब्सिडी वाला राशन उपलब्ध हो।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

नए नियमों में सामाजिक सुधार की दिशा में भी एक अहम कदम उठाया गया है। अब घर की सबसे बुजुर्ग महिला को ही परिवार का मुखिया माना जाएगा। यदि वह 18 वर्ष से कम आयु की है, तो अस्थायी रूप से पुरुष सदस्य को मुखिया माना जाएगा। जैसे ही महिला 18 वर्ष की हो जाएगी, वह स्वतः परिवार की मुखिया बन जाएगी।

इस प्रावधान को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन के दौरान निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य होंगे:

  • परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड विवरण

  • वैध निवास प्रमाण पत्र

  • राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र

  • पुराने राशन कार्ड की जानकारी (यदि उपलब्ध हो)

  • स्व-घोषणा पत्र, जिसमें यह प्रमाणित करना होगा कि परिवार अपात्रता की किसी भी श्रेणी में नहीं आता

पारदर्शिता के लिए विशेष समिति

आवेदनों की जांच के लिए जिला स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (DM) करेंगे और इसमें क्षेत्र के दो विधायक, एसडीएम तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक आयुक्त शामिल होंगे।

शिकायत निवारण की दो-स्तरीय व्यवस्था

सरकार ने शिकायतों के समाधान के लिए दो-स्तरीय तंत्र (टू-टियर सिस्टम) लागू किया है। गंभीर शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर करना अनिवार्य होगा, जबकि सामान्य मामलों को अधिकतम 15 दिनों में निपटाया जाएगा। यदि किसी मामले का समाधान निचले स्तर पर नहीं होता है, तो एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी।

इसके अलावा, रिक्तियों के आवंटन में मतदाताओं की संख्या को आधार बनाया जाएगा और 20 प्रतिशत प्रतीक्षा सूची का भी प्रावधान रखा गया है।

दिल्ली सरकार के नए राशन कार्ड नियम पारदर्शिता, डिजिटल सुविधा और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं। आय सीमा में वृद्धि से अधिक पात्र परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं सख्त अपात्रता मानदंड से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। आने वाले समय में यह व्यवस्था खाद्य सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बना सकती है।