Antibiotic Side Effect: आजकल छोटी-सी सर्दी, खांसी या बुखार होने पर भी कई लोग तुरंत एंटीबायोटिक दवाएं लेना शुरू कर देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि एंटीबायोटिक का बार-बार और बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन से शरीर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। खासकर यह हमारी आंतों की सेहत यानी गट हेल्थ पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
दिल्ली के प्रतिष्ठित Dr. Ram Manohar Lohia Hospital (आरएमएल हॉस्पिटल) में मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, एंटीबायोटिक दवाएं केवल बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के इलाज के लिए बनाई गई हैं। ये वायरल संक्रमण, जैसे सामान्य सर्दी-जुकाम या फ्लू, पर असर नहीं करतीं। लेकिन जब लोग बिना सही जांच या सलाह के इन दवाओं का सेवन करते हैं, तो यह शरीर के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया को भी नष्ट कर देती हैं।
गट हेल्थ क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?
हमारी आंतों में करोड़ों सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से माइक्रोबायोम कहा जाता है। इनमें “अच्छे” और “बुरे” दोनों प्रकार के बैक्टीरिया शामिल होते हैं। अच्छे बैक्टीरिया भोजन को पचाने, विटामिन बनाने और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करते हैं। साथ ही ये हमारी इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते हैं, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम रहता है।
जब एंटीबायोटिक दवाएं बार-बार ली जाती हैं, तो ये अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर देती हैं। इससे माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ जाता है। इस असंतुलन के कारण पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो सकती हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो सकती है।
एंटीबायोटिक के अधिक सेवन से होने वाले संभावित नुकसान
-
पाचन संबंधी समस्याएं – गैस, पेट दर्द, दस्त और पेट फूलना आम लक्षण हैं।
-
मितली और भूख में कमी – लंबे समय तक दवा लेने से खाने की इच्छा कम हो सकती है।
-
बार-बार संक्रमण – इम्यूनिटी कमजोर होने से शरीर जल्दी बीमार पड़ सकता है।
-
पोषक तत्वों की कमी – विटामिन और मिनरल्स का सही अवशोषण नहीं हो पाता।
-
एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस – जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधक बन सकते हैं, जिससे भविष्य में इलाज मुश्किल हो सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि एंटीबायोटिक तभी लेनी चाहिए जब डॉक्टर स्पष्ट रूप से बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि करें। दवा का कोर्स अधूरा छोड़ना भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे संक्रमण दोबारा हो सकता है और बैक्टीरिया मजबूत बन सकते हैं।
गट हेल्थ को कैसे रखें बेहतर?
-
डॉक्टर की सलाह जरूरी: बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक न लें।
-
पूरा कोर्स पूरा करें: दवा बीच में बंद न करें।
-
प्रोबायोटिक और संतुलित आहार: दही, छाछ, किण्वित खाद्य पदार्थ और फाइबर युक्त भोजन को आहार में शामिल करें।
-
पर्याप्त पानी पिएं: शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
-
अनावश्यक दवाओं से बचें: हर छोटी समस्या में एंटीबायोटिक लेने की आदत छोड़ें।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि एंटीबायोटिक लेने के दौरान लगातार दस्त, तेज पेट दर्द, एलर्जी, त्वचा पर चकत्ते या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि एंटीबायोटिक जीवनरक्षक दवाएं हैं, लेकिन इनका उपयोग समझदारी से करना बेहद जरूरी है। सही समय पर, सही मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से ही इनका सेवन करना चाहिए। वरना छोटी-सी लापरवाही भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है।

