America Air Strike: अमेरिका ने सीरिया में आतंकवादी संगठन Islamic State (ISIS) के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है। अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान United States Central Command (CENTCOM) ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत किए गए ताजा हवाई हमलों का वीडियो और विस्तृत जानकारी जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान 19 दिसंबर 2025 से सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में ISIS की दोबारा सक्रियता को पूरी तरह कुचलना है।
इस सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि 13 दिसंबर को सीरिया के ऐतिहासिक शहर Palmyra में हुए हमले से जुड़ी है। उस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी दुभाषिए की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि हमलावर हाल ही में सीरियाई सुरक्षा बलों में भर्ती हुआ था और उसके चरमपंथी संगठनों से संबंधों की पुष्टि हुई थी। घटना के तुरंत बाद हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया था। इस हमले ने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
CENTCOM के अनुसार, 3 फरवरी से 12 फरवरी के बीच अभियान के नए चरण में 10 सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों का निशाना ISIS के 30 से अधिक ठिकाने रहे, जिनमें हथियारों के भंडार, संचार नेटवर्क, प्रशिक्षण शिविर और रसद केंद्र शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों से संगठन की परिचालन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक लड़ाकू और निगरानी विमानों का इस्तेमाल किया गया। इनमें F-15E स्ट्राइक ईगल, A-10 वार्थॉग, AC-130J घोस्टराइडर गनशिप और MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल रहे। इन विमानों की सटीक मारक क्षमता और उन्नत तकनीक के कारण आतंकियों के ठिकानों को न्यूनतम समय में नष्ट किया गया। इसके अलावा जॉर्डन की वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमानों ने भी इस अभियान में सहयोग किया, जिससे क्षेत्रीय साझेदारी का मजबूत संदेश गया।
🔴 U.S.A 🇺🇸 – What most have missed.
While most are focused on Iran the U.S has been conducting airstrikes on ISIS targets in Syria 🇸🇾.
Between February 3-12 there has been 10 airstrikes on 30 targets which is an extension of Operation Hawkeye.
These airstrikes struck ISIS… pic.twitter.com/wNsk5OUNLA— The Consultant (@TheConsultant18) February 15, 2026
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन की शुरुआत से अब तक कम से कम 50 ISIS लड़ाके मारे गए हैं या गिरफ्तार किए गए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई व्यापक युद्ध नहीं, बल्कि सीमित और सटीक लक्ष्यभेदी अभियान है। उस समय के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इसे “बदले की घोषणा” बताते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिकों पर हमले का जवाब दिया जाएगा, चाहे जिम्मेदार लोग दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिपे हों।
अमेरिका ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उसके सैनिकों को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। CENTCOM ने कहा कि बदलते हालात में ISIS को फिर से मजबूत होने से रोकना प्राथमिकता है। इसी रणनीति के तहत अमेरिका और उसके सहयोगियों ने एक और अहम कदम उठाया है। सीरिया की जेलों में बंद 5,700 से अधिक ISIS संदिग्धों को इराक स्थानांतरित कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे जेल तोड़कर भागने की संभावनाएं कम होंगी और संगठन को दोबारा संगठित होने से रोका जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीरिया और इराक में ISIS की गतिविधियां भले ही पहले की तुलना में कम हुई हों, लेकिन संगठन अब भी गुप्त नेटवर्क के जरिए हमलों की योजना बनाने में सक्षम है। ऐसे में अमेरिका की यह ताजा कार्रवाई एक रणनीतिक संदेश भी है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ को अमेरिका की व्यापक आतंकवाद-रोधी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इस अभियान के जरिए अमेरिका न केवल अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है, बल्कि मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए भी ठोस कदम उठा रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान की दिशा और प्रभाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।

