राजस्थान में गेहूं खरीद को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानी के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। Om Birla ने साफ निर्देश दिए हैं कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं को भी अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा।
शनिवार को Kota के सर्किट हाउस में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों द्वारा मामूली गुणवत्ता खामियों के आधार पर बड़ी मात्रा में गेहूं रिजेक्ट किए जाने पर नाराजगी जताई गई।
क्वालिटी नियमों में ढील, किसानों को राहत
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि मौसम की मार झेल रहे किसानों के साथ सख्ती नहीं की जाएगी। इसके तहत गेहूं की गुणवत्ता के नियमों में ढील देने के निर्देश केंद्र स्तर पर जारी कर दिए गए हैं।
जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश आने की उम्मीद है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी फसल बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्रभावित हुई है।
“हर किसान का गेहूं खरीदा जाए” – सख्त निर्देश
Om Birla ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी किसान अपनी फसल बेचने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी खरीद केंद्र पूरी क्षमता के साथ काम करें और 100% गेहूं MSP पर खरीदा जाए। इसके लिए कई जरूरी कदम उठाने को कहा गया:
- अगले सात दिनों में अतिरिक्त बारदाने (बोरी) की व्यवस्था
- छुट्टियों में भी वेयरहाउस खुले रखने के निर्देश
- रेलवे रैक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना
- हर किसान को स्लॉट देने की व्यवस्था
इसके अलावा Bhamashah Mandi में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी हो सके।
मंत्री सैंपल लेकर पहुंचे, अधिकारियों से सवाल
बैठक के दौरान स्थिति तब और गंभीर हो गई जब Heeralal Nagar खुद बूंदी से रिजेक्ट किए गए गेहूं के सैंपल लेकर पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि 25 में से 11 सैंपल क्यों फेल कर दिए गए। मंत्री ने दो टूक कहा कि पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसानों को तकनीकी कारणों से परेशान करना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने मौके पर ही दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए और गेहूं खरीद लक्ष्य को 6 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर दोगुना करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने की बात कही।
मंडी में पहुंचकर सुनी किसानों की परेशानी
बैठक के बाद Heeralal Nagar खुद मंडी पहुंचे और किसानों से बातचीत की।
किसानों ने शिकायत की कि मामूली कारणों—जैसे दानों का थोड़ा काला होना या हल्की सफेदी—के आधार पर गेहूं खारिज किया जा रहा है।
इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए और किसानों को अनावश्यक परेशान न किया जाए।
किसानों को राहत देने के लिए बड़े फैसले
प्रशासन ने स्थिति सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है:
- सोमवार से कोटा और बूंदी के सभी केंद्रों पर पूरी क्षमता से खरीद
- बुजुर्ग किसानों के लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया में ढील
- परिवार के सदस्य भी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे
- निजी वेयरहाउस का उपयोग कर भंडारण की समस्या दूर करना
- स्लॉट बुकिंग के साथ तुलाई की तारीख तय करना, ताकि भीड़ कम हो
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
इन फैसलों से साफ है कि सरकार अब किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। मौसम की मार झेल चुके किसानों को अब अपनी फसल बेचने में राहत मिलेगी और उन्हें MSP का पूरा लाभ मिल सकेगा।
राजस्थान के Kota और आसपास के क्षेत्रों में यह निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

