Khajur farming: रेगिस्तान में भी सोना उगल रही खजूर की खेती, एक पेड़ से 200 किलो फल और लाखों की कमाई

Khajur farming
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Khajur farming: खजूर की खेती अब किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। देश के कई राज्यों में इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा रही है और सही तकनीक अपनाने पर यह फसल लंबे समय तक अच्छा रिटर्न देती है। खजूर पोषक तत्वों से भरपूर फल है, जिसमें प्राकृतिक शर्करा, आहारीय फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है, वहीं यह हृदय और मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

अगर किसान खजूर की खेती में उपयुक्त मिट्टी, अनुकूल जलवायु और आधुनिक कृषि तकनीकों का सही इस्तेमाल करें, तो कम समय में बेहतर उत्पादन और अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है।

खजूर की खेती के लिए मिट्टी और खेत की तैयारी

खजूर के पौधों के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें जल निकासी की व्यवस्था अच्छी हो। मिट्टी का pH स्तर 7 से 8 के बीच होना चाहिए। खेत की तैयारी के दौरान जैविक खाद और अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद का उपयोग करने से पौधों की शुरुआती बढ़वार मजबूत होती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है।

टिश्यू कल्चर तकनीक से जल्दी मिलेगा फल

खजूर की खेती में टिश्यू कल्चर तकनीक किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। पारंपरिक पौधों की तुलना में टिश्यू कल्चर से तैयार पौधों में फल जल्दी आते हैं। आमतौर पर जहां फल आने में चार साल लगते हैं, वहीं इस तकनीक से तीन साल में ही उत्पादन शुरू हो सकता है। इससे निवेश पर रिटर्न जल्दी मिलने लगता है।

उत्पादन क्षमता कितनी होती है?

खजूर का पेड़ लंबे समय तक फल देता है। सही देखभाल के साथ लगभग 10 वर्षों में एक पेड़ से करीब 80 किलो फल प्राप्त किया जा सकता है। वहीं 15 साल की उम्र में एक पेड़ से 100 से 200 किलो तक उत्पादन संभव है। नियमित सिंचाई, खाद प्रबंधन और कीट नियंत्रण से पैदावार में लगातार बढ़ोतरी होती रहती है।

किन राज्यों में खजूर की खेती ज्यादा सफल है

  • गुजरात: कच्छ जिला खजूर उत्पादन में अग्रणी है और यहां की खजूर को GI टैग भी मिला हुआ है।

  • राजस्थान: बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और चूरू जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर खजूर की खेती होती है।

  • पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों में भी किसान खजूर की खेती अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

  • दक्षिण और मध्य भारत: तमिलनाडु, महाराष्ट्र के सोलापुर क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में भी यह फसल बेहतर परिणाम देती है।

खजूर की खेती से कितनी होगी कमाई?

खजूर की खेती से किसानों को शानदार आमदनी हो सकती है। एक परिपक्व पेड़ से सालाना करीब ₹20,000 से ₹50,000 तक की कमाई संभव है। वहीं एक एकड़ में लगभग 70 पेड़ लगाए जाएं, तो कुल आय ₹6 लाख से ₹12 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। यही कारण है कि खजूर की खेती किसानों के लिए एक दीर्घकालिक और लाभकारी निवेश बन रही है।