UK Visa News: ब्रिटेन ने अपनी सीमा और आव्रजन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नई डिजिटल यात्रा प्रणाली लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत भारतीय यात्रियों के लिए अब ई-वीजा (E-Visa) अनिवार्य कर दिया गया है। पारंपरिक कागज आधारित वीजा स्टिकर प्रणाली को समाप्त करते हुए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया गया है।
United Kingdom सरकार का कहना है कि यह बदलाव सुरक्षा, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। हालांकि इस कदम से भारतीय यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि अब बिना वैध डिजिटल अनुमति के यात्रा संभव नहीं होगी।
85 देशों के लिए भी नया नियम
नई प्रणाली के तहत जिन 85 देशों के नागरिकों को पहले वीजा की आवश्यकता नहीं थी — जैसे United States, Canada और France — उन्हें अब इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) लेना अनिवार्य होगा।
इसका मतलब है कि चाहे यात्री वीजा-फ्री श्रेणी में आते हों या नहीं, उन्हें यात्रा से पहले डिजिटल स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। एयरलाइन कंपनियां भी अब यात्रियों को तभी बोर्डिंग की अनुमति देंगी, जब उनके पास वैध ई-वीजा, ETA या अन्य स्वीकृत डिजिटल दस्तावेज होंगे।
भौतिक दस्तावेजों की होगी समाप्ति
ब्रिटेन की योजना के अनुसार बायोमेट्रिक रेजिडेंस परमिट (BRP) और वीजा विग्नेट स्टिकर जैसे भौतिक दस्तावेजों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। इसकी जगह ई-वीजा प्रणाली लागू की गई है, जिसमें आव्रजन स्थिति पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज रहेगी।
ब्रिटिश गृह मंत्रालय के अनुसार अब तक एक करोड़ से अधिक ई-वीजा जारी किए जा चुके हैं। डिजिटल वीजा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे न तो खोया जा सकता है, न चोरी किया जा सकता है और न ही इसमें छेड़छाड़ संभव है। यात्री अपने आव्रजन अधिकारों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से तुरंत और सुरक्षित तरीके से साबित कर सकेंगे।
क्या बदलेगा भारतीय यात्रियों के लिए?
भारतीय यात्रियों को अब पारंपरिक वीजा स्टिकर के बजाय ई-वीजा के लिए आवेदन करना होगा। हालांकि बायोमेट्रिक पंजीकरण की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी और आवेदकों को आवेदन केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा।
एक सकारात्मक बदलाव यह है कि अब आवेदन प्रक्रिया के दौरान पासपोर्ट जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे यात्रियों को अपने पासपोर्ट की उपलब्धता बनाए रखने में सुविधा मिलेगी।
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों को यात्रा से पहले सभी दस्तावेजों की डिजिटल वैधता सुनिश्चित करनी होगी। किसी भी तकनीकी त्रुटि या अपूर्ण आवेदन के कारण बोर्डिंग में समस्या आ सकती है।
मंत्री का बयान
ब्रिटेन के प्रवासन और नागरिकता मंत्री Mike Tapp ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले आवश्यक अनुमति प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि सही दस्तावेज सुनिश्चित करने से यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी।
सरकार का दावा है कि नई प्रणाली से सीमा प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और अवैध आव्रजन पर नियंत्रण मजबूत होगा।
डिजिटल तैयारी होगी जरूरी
नई व्यवस्था में यात्रियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने वीजा स्टेटस को समझना और प्रबंधित करना आना चाहिए। एयरलाइंस और सीमा अधिकारियों द्वारा डिजिटल सत्यापन किया जाएगा। इसलिए यात्रियों को अपनी ई-मेल, आवेदन विवरण और ऑनलाइन खाते की जानकारी सुरक्षित रखनी होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम वैश्विक स्तर पर बढ़ते डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि जिन यात्रियों को डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी कम है, उनके लिए शुरुआती दौर में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं।
ब्रिटेन की नई डिजिटल वीजा प्रणाली सुरक्षा और तकनीकी दक्षता को बढ़ाने का प्रयास है। भारतीय यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब यात्रा से पहले ई-वीजा अनिवार्य होगा। सही जानकारी, समय पर आवेदन और डिजिटल सतर्कता से ही यात्रा को आसान बनाया जा सकता है।

