Trump 10% Global Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार नीति को लेकर बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। हाल ही में Supreme Court of the United States के फैसले के बाद ट्रंप ने घोषणा की है कि वह Section 122 के तहत सभी देशों पर 10% अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ लगाने के लिए नया कार्यकारी आदेश (Executive Order) साइन करेंगे। यह टैरिफ पहले से लागू सामान्य आयात शुल्क के ऊपर जोड़ा जाएगा।
10% ग्लोबल टैरिफ: क्या है योजना?
ट्रंप ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि वह Section 122 का इस्तेमाल करते हुए 10% का अतिरिक्त टैरिफ लागू करेंगे। उनके मुताबिक यह कदम अमेरिका के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी है। इस नए प्रस्ताव के तहत लगभग सभी देशों से आयात होने वाले सामान पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वैश्विक सप्लाई चेन और अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यदि यह आदेश लागू होता है, तो कई देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के एक पुराने टैरिफ फैसले को अवैध करार दिया था। हालांकि ट्रंप का दावा है कि अदालत ने उनकी टैरिफ लगाने की शक्तियों को खत्म नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने केवल IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत टैरिफ के एक विशेष उपयोग को खारिज किया है, न कि राष्ट्रपति की समग्र व्यापारिक शक्तियों को।
ट्रंप ने कहा, “कोर्ट के फैसले ने राष्ट्रपति की ट्रेड को रेगुलेट करने और टैरिफ लगाने की शक्ति को कमजोर नहीं किया, बल्कि और स्पष्ट किया है।” उनके अनुसार, अब वे कानूनी रूप से अधिक मजबूत आधार पर नया कदम उठा सकते हैं।
‘प्लान बी’ पहले से ज्यादा मजबूत
टैरिफ पर झटका मिलने के बाद ट्रंप ने अपने ‘Plan B’ का जिक्र करते हुए कहा कि अब उनके पास और भी बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने कहा, “अब मैं और ज्यादा चार्ज कर सकता हूं… मेरा प्लान बी पहले से ज्यादा मजबूत है।” इस बयान से साफ है कि प्रशासन वैकल्पिक कानूनी रास्तों पर काम कर रहा है।
ट्रंप का इशारा इस ओर भी था कि कांग्रेस की भूमिका आगे अहम हो सकती है। यदि कार्यकारी आदेश को कानूनी चुनौती मिलती है, तो विधायी समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
Section 122 क्यों है अहम?
Section 122 अमेरिकी ट्रेड कानून का एक प्रावधान है, जो राष्ट्रपति को भुगतान संतुलन (Balance of Payments) संकट या अचानक आयात बढ़ने की स्थिति में अस्थायी टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। ट्रंप अब इसी प्रावधान के तहत नया आदेश लाने की तैयारी कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि Section 122 का इस्तेमाल सीमित परिस्थितियों में किया जाता है और इसकी अवधि भी निर्धारित होती है। ऐसे में यदि 10% ग्लोबल टैरिफ लागू होता है, तो यह अस्थायी कदम हो सकता है, लेकिन इसका वैश्विक बाजारों पर त्वरित प्रभाव पड़ेगा।
विरोधियों को चेतावनी
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर कर रहे विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके विरोधी ज्यादा दिन खुश नहीं रहेंगे और अमेरिका को मजबूत बनाने की दिशा में उनका अभियान जारी रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला 2026 के चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकता है। ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पहले भी टैरिफ और व्यापारिक सख्ती के जरिए चर्चा में रही है।
आगे क्या?
यदि 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू होता है, तो इससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। कई देश जवाबी टैरिफ लगाने पर विचार कर सकते हैं। साथ ही अमेरिकी कंपनियों की लागत बढ़ने और उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि ट्रंप कब औपचारिक रूप से कार्यकारी आदेश साइन करते हैं और इस पर कानूनी व राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या होती है।

