पेशावर में ढेर हुआ भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी, पाक एजेंसियां अब तक खामोश

Peshawar News
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Peshawar News: पाकिस्तान के Peshawar शहर में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल मोहम्मद कासिम गुज्जर उर्फ सलमान उर्फ सुलेमान की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और वहां की सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हमले के बाद से पाकिस्तान की सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सरेआम सड़क पर बरसाईं गोलियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार शाम पेशावर में अज्ञात बंदूकधारियों ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोहम्मद कासिम गुज्जर को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर फरार हो गए।

इस हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे भारत के पूर्व RAW एजेंट और पूर्व NSG कमांडो Laxman Singh Bisht उर्फ लकी बिष्ट ने अपने आधिकारिक अकाउंट से साझा किया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हमलावरों ने दिनदहाड़े सड़क पर उसे निशाना बनाया। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

भारत की हिट लिस्ट में था नाम

मोहम्मद कासिम गुज्जर लंबे समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था। उसका संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba से बताया जाता है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, वह भारत में कई आतंकी साजिशों और मॉड्यूल्स को सक्रिय करने में शामिल रहा था।

करीब दो साल पहले भारत के Ministry of Home Affairs ने उसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किया था। इसके बाद से वह भारत की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। भारतीय एजेंसियां उसके नेटवर्क और फंडिंग चैनलों की लगातार निगरानी कर रही थीं।

पाकिस्तान की चुप्पी पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात पाकिस्तान की आधिकारिक चुप्पी है। न तो स्थानीय पुलिस की ओर से हमले की पुष्टि की गई है और न ही किसी जांच की औपचारिक घोषणा की गई है। पाकिस्तान की सेना और ISI की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में हाल के वर्षों में कई ऐसे आतंकी कमांडरों और भारत-विरोधी तत्वों को अज्ञात हमलावरों द्वारा निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और वहां सक्रिय आतंकी संगठनों के बीच आपसी संघर्ष की आशंका को भी जन्म दिया है।

बढ़ती ‘टारगेट किलिंग’ की घटनाएं

पिछले कुछ समय में पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में कई संदिग्ध आतंकियों की इसी तरह गोली मारकर हत्या की खबरें सामने आई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह या तो आपसी गैंगवार का परिणाम हो सकता है या फिर किसी बड़े नेटवर्क के भीतर चल रही अंदरूनी सफाई का हिस्सा।

हालांकि, जब तक पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक इन हत्याओं के पीछे की सच्चाई पर रहस्य बना रहेगा। भारत में इस खबर को एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि गुज्जर जैसे आतंकी लंबे समय से भारतीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाते थे।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

इस घटना का असर भारत-पाकिस्तान संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। भारत पहले ही पाकिस्तान पर आतंकवाद को शरण देने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान में सक्रिय और भारत-विरोधी गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति की सरेआम हत्या कई नए सवाल खड़े करती है।

फिलहाल, पेशावर की इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या पाकिस्तान इस मामले में कोई आधिकारिक बयान देगा या फिर यह मामला भी रहस्यों के बीच दब जाएगा।