Pakistan News: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू किसान की हत्या के बाद अल्पसंख्यक समुदायों और मानवाधिकार संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना के विरोध में सिंध के कई इलाकों में व्यापक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
मृतक की पहचान कैलाश कोल्ही के रूप में हुई है, जो एक गरीब किरायेदार किसान था। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावशाली जमींदार सरफराज निज़ामानी ने जमीन पर झोपड़ी बनाने को लेकर हुए विवाद में कैलाश कोल्ही को सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पिरू लशारी क्षेत्र के राहो कोल्ही गांव में हुई।
घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने बदीन–हैदराबाद नेशनल हाईवे और बदीन–थार कोल रोड को जाम कर धरना दिया, जिससे सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
हिंदू समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, हत्या और आतंकवाद की धाराओं में मामला दर्ज करने तथा पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सिंध सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपात कदम उठाने की भी अपील की है।
इससे पहले, पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने शव को पिरू लशारी स्टॉप पर रखकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद के अध्यक्ष और अल्पसंख्यक अधिकार कार्यकर्ता शिवा कच्छी ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे “निर्मम और ठंडे दिमाग से की गई हत्या” बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है जो ताकतवरों को बचाती है और कमजोरों की आवाज दबा देती है।
इस विरोध प्रदर्शन में कई राजनीतिक, धार्मिक, राष्ट्रवादी और सामाजिक संगठनों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं, जिससे आंदोलन और तेज होता जा रहा है।

