नेतन्याहू का बड़ा दावा: ट्रंप की हत्या की कोशिश, ईरान पर हमला दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी

Iran War
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Iran War के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है। सोमवार को Fox News को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ उठाया गया कदम सिर्फ अमेरिका या इजरायल की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को संभावित खतरे से बचाने के लिए जरूरी था। उन्होंने इस अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” या “रोअरिंग लायन” करार देते हुए इसे पूरी तरह रक्षात्मक कार्रवाई बताया।

नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान पिछले कई दशकों से “अमेरिका की मौत” जैसे नारे लगाता रहा है और दुनिया भर में अस्थिरता फैलाने में शामिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी दूतावासों पर हमलों को समर्थन दिया, हजारों अमेरिकियों को नुकसान पहुंचाया और अपने ही नागरिकों पर दमनकारी नीतियां लागू कीं।

सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की हत्या की दो बार कोशिश की। उनके मुताबिक, “यह शासन अमेरिका को खत्म करने के इरादे से काम कर रहा है और वैश्विक शांति के लिए खतरा बन चुका है।”

परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंता

इजरायली प्रधानमंत्री ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान तेजी से भूमिगत बंकर और परमाणु ठिकानों को मजबूत कर रहा था, जिससे भविष्य में उसे रोकना और कठिन हो जाता।

नेतन्याहू के अनुसार, अगर अभी कार्रवाई नहीं की जाती तो कुछ महीनों में ईरान अपने ठिकानों को इतना सुरक्षित कर लेता कि उसे निष्क्रिय करना लगभग असंभव हो जाता। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान परमाणु क्षमता के सहारे अमेरिका और अन्य देशों को ब्लैकमेल कर सकता था।

उन्होंने इस कार्रवाई को “अंतहीन युद्ध” नहीं बल्कि “शांति की दिशा में एक सख्त लेकिन जरूरी कदम” बताया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है।

ट्रंप की सराहना और रणनीतिक संदेश

नेतन्याहू ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की जमकर तारीफ की। उन्होंने उन्हें “दृढ़ और स्पष्ट नेता” बताया, जिन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। नेतन्याहू ने कहा कि फ्लोरिडा स्थित Mar-a-Lago में मुलाकात के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की प्रतिबद्धता जताई थी।

इस बीच ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भी ईरान को चेतावनी दी और अपने घरेलू विरोधियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगियों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

अमेरिका का समर्थन और वैश्विक प्रतिक्रिया

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि हमलों की मंजूरी राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर दी गई। वहीं रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इसे “एक पीढ़ी बदलने वाला मोड़” बताया और कहा कि अमेरिका की नीति “ताकत के जरिए शांति” (Peace Through Strength) लाने की है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से पहले अमेरिका में इजरायल के राजदूत Danny Danon ने प्रथम महिला Melania Trump से मुलाकात कर अमेरिका-इजरायल गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया।

हालांकि कई देशों ने इस सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताई है और आशंका व्यक्त की है कि इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है। मध्य-पूर्व में पहले से जारी तनाव के बीच यह घटनाक्रम व्यापक संघर्ष का रूप ले सकता है।

फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। जहां इजरायल और अमेरिका इसे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीतिक समाधान की उम्मीद लगाए बैठा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह रणनीति क्षेत्र में स्थायी शांति की ओर ले जाती है या तनाव को और बढ़ा देती है।