लेबनान में इजरायल का जमीनी हमला, हिज्बुल्लाह से भीषण झड़प

Israel Ground Operation
Israel Ground Operation

Israel Ground Operation: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Israel ने दक्षिणी Lebanon में सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। Israel Defense Forces (IDF) ने सोमवार को घोषणा की कि उसने हिज्बुल्लाह के ठिकानों के खिलाफ सीमित लेकिन लक्षित जमीनी अभियान शुरू कर दिया है।

इजरायली सेना के अनुसार इस ऑपरेशन का उद्देश्य उत्तरी इजरायल में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और Hezbollah से उत्पन्न खतरों को समाप्त करना है। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह से सुरक्षा कारणों से शुरू किया गया है और इसका लक्ष्य सीमावर्ती इलाकों में स्थिरता बहाल करना है।

सीमा पर तेज हुई झड़पें

स्थानीय सूत्रों और चश्मदीदों के मुताबिक दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में इजरायली सैनिकों और हिज्बुल्लाह लड़ाकों के बीच तीखी झड़पें हो रही हैं। दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी और रॉकेट हमलों की खबरें भी सामने आ रही हैं।

इजरायली सेना धीरे-धीरे संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित Blue Line सीमा की ओर बढ़ रही है और कई रणनीतिक स्थानों पर अपनी सैन्य स्थिति मजबूत कर रही है। यह सीमा 2000 में इजरायली सेना की लेबनान से वापसी के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित की गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जमीनी अभियान लंबे समय तक चलता है, तो इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। लेबनान-इजरायल सीमा पहले से ही मध्य-पूर्व के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिनी जाती है।

ईरान का सख्त रुख

इसी बीच Iran ने भी संघर्ष को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि तेहरान ने न तो United States से युद्धविराम की मांग की है और न ही किसी तरह की बातचीत की पहल की है।

अराघची ने कहा कि यह युद्ध तभी समाप्त होगा जब विरोधी देश यह समझ लें कि भविष्य में ईरान पर हमला करना संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ देश ईरान को “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तेहरान इसके लिए तैयार नहीं है।

उनके अनुसार ईरान केवल ऐसा समाधान चाहता है जिससे भविष्य में उसके खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई की संभावना समाप्त हो जाए।

तेहरान एयरपोर्ट पर इजरायल का दावा

इस बीच इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने तेहरान के Mehrabad Airport पर एक महत्वपूर्ण विमान को नष्ट कर दिया है। IDF के अनुसार यह विमान Airbus A340 था, जिसका उपयोग ईरान के शीर्ष नेताओं की विदेश यात्राओं के लिए किया जाता था।

बताया गया कि इस विमान का इस्तेमाल ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और पहले देश के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की विदेश यात्राओं में किया जाता रहा है।

इजरायल का दावा है कि इस विमान को नष्ट करने से ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच समन्वय पर असर पड़ सकता है। हालांकि ईरान की ओर से इस हमले की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।

कई शहरों में सैन्य हमले

IDF ने यह भी बताया कि उसने तेहरान के अलावा Shiraz और Tabriz सहित कई शहरों में सैन्य ढांचे और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।

ये हमले ऐसे समय हो रहे हैं जब अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई को लगभग 17 दिन हो चुके हैं। इस पूरे अभियान के दौरान ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

क्षेत्र में बढ़ती चिंता

मध्य-पूर्व में तेजी से बढ़ते इस संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जमीनी लड़ाई और तेज होती है, तो यह युद्ध पूरे क्षेत्र में फैल सकता है।

ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इस संघर्ष का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाता है।