लेबनान में इज़राइली हमला, 3 हिजबुल्लाह कमांडर ढेर

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Israel Lebanon Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच युद्धविराम की स्थिति एक बार फिर कमजोर पड़ती नजर आई जब इज़राइल ने पूर्वी लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। नवंबर 2024 से लागू सीजफायर के बावजूद हुए इन हमलों में हिजबुल्लाह के तीन वरिष्ठ कमांडरों समेत कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी National News Agency (NNA) के मुताबिक, रियाक इलाके में एक इमारत को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्ट में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 11 हो गई। राहत और बचाव दल अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

मारे गए कमांडरों की पहचान

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मारे गए लोगों में Hezbollah के तीन वरिष्ठ कमांडर शामिल हैं—हुसैन मोहम्मद यागी, अली ज़ैद अल-मूसावी और मोहम्मद इब्राहिम अल-मूसावी।

हिजबुल्लाह ने आधिकारिक बयान जारी कर हुसैन मोहम्मद यागी को “लेबनान और उसके लोगों की रक्षा में शहीद” बताया। संगठन ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया।

लेबनानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इज़राइली युद्धक विमानों ने पूर्वी लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर कुल छह हवाई हमले किए। हालांकि इस कार्रवाई पर इज़राइल की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सीजफायर के बाद फिर बढ़ा तनाव

27 नवंबर 2024 को इज़राइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू हुआ था। यह समझौता सीमा पार लगातार हो रही झड़पों को रोकने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन ताजा एयरस्ट्राइक ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में शांति अब भी बेहद नाजुक है।

इससे पहले 16 फरवरी को हिजबुल्लाह के नेता Naim Qassem ने चेतावनी दी थी कि यदि इज़राइल ने सैन्य कार्रवाई बढ़ाई, तो उसे “दर्दनाक जवाब” दिया जाएगा। उन्होंने अमेरिका पर भी आरोप लगाया कि वह इज़राइली अभियानों को राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन दे रहा है।

गाजा संघर्ष के बाद बढ़ी झड़पें

अक्टूबर 2023 में गाजा में संघर्ष शुरू होने के बाद से इज़राइल और हिजबुल्लाह के बीच सीमा पार तनाव लगातार बना हुआ है। दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इज़राइल के सीमावर्ती इलाकों में रॉकेट हमले, ड्रोन गतिविधियां और जवाबी कार्रवाई की घटनाएं सामने आती रही हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि हालिया हमले केवल सामरिक कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश भी हो सकते हैं। हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडरों को निशाना बनाना संगठन की सैन्य संरचना को कमजोर करने की कोशिश माना जा रहा है।

हालांकि, इस तरह की कार्रवाई से व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा भी बढ़ सकता है। यदि हिजबुल्लाह जवाबी हमला करता है, तो स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर हो सकती है और अन्य क्षेत्रीय ताकतें भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

मिडिल ईस्ट पहले ही गाजा संघर्ष, ईरान-इज़राइल तनाव और सीरिया की स्थिति के कारण संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में लेबनान में बढ़ती हिंसा पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।

राजनयिक हलकों में इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि यदि युद्धविराम समझौता पूरी तरह टूटता है, तो यह टकराव बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।

सीजफायर के बावजूद लेबनान में इज़राइली एयरस्ट्राइक ने एक बार फिर क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। हिजबुल्लाह के तीन वरिष्ठ कमांडरों की मौत से संगठन की प्रतिक्रिया क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि दोनों पक्ष तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाते हैं या फिर यह टकराव एक बड़े संघर्ष का रूप लेता है।