इस्लामाबाद मस्जिद धमाका: आतंकी हमले के बाद आरोप-प्रत्यारोप तेज

Islamabad Shia Mosque Blast
Islamabad Shia Mosque Blast

Islamabad Shia Mosque Blast: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दौरान एक शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में हुए आत्मघाती बम धमाके ने पूरे देश को दहला दिया। इस भीषण हमले में कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई, जबकि 170 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। यह हमला हाल के वर्षों में पाकिस्तान के सबसे घातक आतंकी हमलों में गिना जा रहा है।

धमाका उस वक्त हुआ जब इमामबाड़े में बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद के एक हिस्से की छत गिर गई और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा बलों और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया और इलाके को घेराबंदी में ले लिया।

अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन ने औपचारिक रूप से नहीं ली है। पाकिस्तान सरकार ने भी किसी एक संगठन का नाम लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, भारत के पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लक्ष्मण उर्फ़ लकी बिष्ट ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो और बयान में दावा किया है कि शुरुआती जमीनी सूचनाएं और कुछ खुफिया संकेत ISIS-K (इस्लामिक स्टेट-खुरासान) की ओर इशारा करते हैं। उनके अनुसार, यह संगठन पहले भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में शिया समुदाय और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाता रहा है।

लकी बिष्ट के दावे के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारियों के आधार पर यह हमला धार्मिक उन्माद फैलाने और पाकिस्तान में अस्थिरता पैदा करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह दावा व्यक्तिगत आकलन पर आधारित है और इसकी पुष्टि अभी तक पाकिस्तान सरकार या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने नहीं की है।

हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत और अफगानिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने बयान देते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में हमलावर के अफगानिस्तान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं और भारत अफगान तालिबान के साथ मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश कर रहा है। इन आरोपों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।

भारत ने पाकिस्तान के इन आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की, लेकिन भारत की संलिप्तता के आरोपों को “निराधार और बेबुनियाद” बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वह बिना सबूत के दूसरे देशों पर दोष मढ़े।

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तान के आरोपों को नकार दिया। तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि पाकिस्तान अक्सर बिना ठोस जांच और प्रमाण के अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है, जो गैर-जिम्मेदाराना है। उनके अनुसार, आतंकवाद एक क्षेत्रीय चुनौती है और इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सहयोग से सुलझाने की जरूरत है।

इस बीच, इस्लामाबाद और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शिया समुदाय में गहरा शोक और आक्रोश है, जबकि आम नागरिकों में डर का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के बाद पाकिस्तान के सामने न केवल सुरक्षा, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे और आधिकारिक बयानों से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस खौफनाक हमले के पीछे वास्तव में कौन जिम्मेदार है।