ईरान के सर्वोच्च नेता के बेटे का गुप्त वैश्विक साम्राज्य: अंदर की कहानी

Iran supreme leader
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Iran supreme leader: लंदन के उत्तर में स्थित एक शांत, हरे-भरे इलाके को “बिलियनेयर्स रो” के नाम से जाना जाता है। यहां करोड़ों पाउंड की आलीशान कोठियां ऊंची झाड़ियों, लोहे के फाटकों और कड़ी सुरक्षा के पीछे छिपी रहती हैं। ये मकान अक्सर खाली दिखाई देते हैं—खिड़कियों में रोशनी कम, आवाजाही न के बराबर और सुरक्षा बेहद सख्त। लेकिन इन्हीं शांत इमारतों के पीछे एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क छिपा है, जिसकी जड़ें तेहरान से लेकर दुबई, फ्रैंकफर्ट, लंदन, पेरिस, मयोरका और टोरंटो तक फैली हुई हैं।

ब्लूमबर्ग न्यूज की एक साल लंबी जांच के अनुसार, इस वैश्विक नेटवर्क का अंतिम लाभार्थी कोई और नहीं बल्कि मोजतबा खामेनेई हैं—ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे।

परदे के पीछे का ताकतवर चेहरा

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई ईरान की राजनीति में सबसे प्रभावशाली लेकिन सबसे कम दिखने वाले चेहरों में से एक माने जाते हैं। वह किसी सरकारी पद पर नहीं हैं और सार्वजनिक मंचों से दूर रहते हैं, फिर भी पश्चिमी खुफिया एजेंसियों और वित्तीय मामलों से जुड़े लोगों का कहना है कि वह एक विशाल विदेशी निवेश साम्राज्य की निगरानी करते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह संपत्ति सैकड़ों मिलियन डॉलर की हो सकती है—संभव है कि इससे भी कहीं अधिक। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई निवेश 2011 से शुरू हो चुके थे, यानी अमेरिका द्वारा 2019 में लगाए गए प्रतिबंधों से कई साल पहले।

पश्चिमी देशों में लग्ज़री संपत्तियां

जांच में सामने आया कि इस कथित पोर्टफोलियो में दुनिया के कई प्रमुख शहरों में महंगी संपत्तियां शामिल हैं, जैसे:

  • लंदन में एक दर्जन से अधिक लग्ज़री प्रॉपर्टी, जिनमें द बिशप्स एवेन्यू पर स्थित घर भी शामिल हैं, जिनकी कीमत £33 मिलियन से ज्यादा बताई गई

  • दुबई के सबसे विशिष्ट रिहायशी इलाके में एक भव्य विला, जिसे शहर का “बेवरली हिल्स” कहा जाता है

  • फ्रैंकफर्ट और स्पेन के मयोरका क्षेत्र में फाइव-स्टार होटल

  • पेरिस में हाई-एंड रियल एस्टेट

  • टोरंटो के फोर सीजन्स प्राइवेट रेजिडेंस में एक पेंटहाउस, जिसे 2020 में C$10.5 मिलियन में बेचा गया

इन संपत्तियों का स्वामित्व सीधे किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं, बल्कि कई परतों वाली ऑफशोर कंपनियों के जरिए रखा गया है।

पैसे की राह और प्रतिबंधों से बचाव

ब्लूमबर्ग द्वारा देखे गए दस्तावेजों के अनुसार, इन सौदों के लिए धन यूके, स्विट्ज़रलैंड, लिकटेंस्टीन, साइप्रस और यूएई के बैंकों से होकर गुजरा। कई सूत्रों का कहना है कि यह पैसा मुख्य रूप से ईरानी तेल राजस्व से आया, जिसे प्रतिबंधों से बचने के लिए जटिल व्यापारिक नेटवर्क के जरिये बाहर भेजा गया।

मुख्य कड़ी: अली अंसारी

इस पूरे नेटवर्क के केंद्र में अली अंसारी नाम के एक ईरानी निर्माण व्यवसायी और बैंकर का नाम सामने आता है। अक्टूबर में ब्रिटेन ने अंसारी पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें “भ्रष्ट ईरानी बैंकर और कारोबारी” बताया, जिन पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को वित्तीय सहायता देने का आरोप है।

हालांकि अंसारी पर अमेरिका या यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध नहीं लगाए हैं, लेकिन खुफिया आकलनों और कॉर्पोरेट रिकॉर्ड्स में उन्हें मोजतबा खामेनेई का प्रमुख वित्तीय माध्यम बताया गया है।

अंसारी का नाम कई ऑफशोर कंपनियों से जुड़ा है, जो सेंट किट्स एंड नेविस, आइल ऑफ मैन, लक्ज़मबर्ग और यूएई में पंजीकृत हैं। इनमें Ziba Leisure Ltd., Birch Ventures Ltd., A&A Leisure Ltd. और Midas Oil Trading DMCC जैसी कंपनियां शामिल हैं।

गोपनीयता से बना साम्राज्य

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नेटवर्क की संरचना जानबूझकर ऐसी बनाई गई है, जिससे स्वामित्व छिपाया जा सके, प्रतिबंधों से बचा जा सके और संपत्तियों को राजनीतिक जोखिम से सुरक्षित रखा जा सके। सार्वजनिक रूप से सादगी और धार्मिक जीवन की छवि के बीच यह कथित वैश्विक संपत्ति बड़ा विरोधाभास पेश करती है।

क्यों अहम है यह खुलासा

ईरान की सत्ता, उत्तराधिकार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों पर जब वैश्विक नजरें टिकी हैं, तब इस तरह के खुलासे जवाबदेही, पारदर्शिता और वैश्विक वित्तीय प्रणाली पर नए सवाल खड़े करते हैं। यह दिखाता है कि किस तरह राजनीतिक शक्ति और वैश्विक पूंजी, आम नजरों से दूर, एक-दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं।