ईरान की सत्ता पर सस्पेंस: Mojtaba Khamenei पर सवाल

Mojtaba Khamenei
Mojtaba Khamenei

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच Iran की सत्ता को लेकर नया रहस्य गहराता जा रहा है। नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे उनकी स्थिति और वास्तविक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को United States और Israel द्वारा किए गए हमलों में पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई थी। इसके बाद 9 मार्च को मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। हालांकि, उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने के कारण अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या वे स्वस्थ हैं, सक्रिय हैं, या फिर उनके नाम का इस्तेमाल कर सत्ता चलाई जा रही है।

क्या वास्तव में मोजतबा खामेनेई सक्रिय हैं?

कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उसी हमले में मोजतबा खामेनेई भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यही कारण बताया जा रहा है कि वे अब तक जनता के सामने नहीं आए हैं। हालांकि, उनके नाम से दो आधिकारिक बयान जारी किए गए हैं, लेकिन दोनों ही मौकों पर किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें पढ़कर सुनाया।

इस स्थिति ने संदेह को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई नेता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आता और केवल लिखित संदेश जारी करता है, तो इससे उसकी वास्तविक स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

सत्ता किसके हाथ में?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि वर्तमान में ईरान की असली सत्ता किसके हाथ में है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, Islamic Revolutionary Guard Corps यानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इस समय देश की वास्तविक शक्ति को नियंत्रित कर सकते हैं।

ऐसा भी कहा जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई केवल औपचारिक रूप से नेता हो सकते हैं, जबकि फैसले सैन्य और सुरक्षा संस्थाएं ले रही हैं। हाल के दिनों में कई बड़े ईरानी नेताओं की मौत ने भी इस अनिश्चितता को बढ़ा दिया है, जिससे सत्ता संरचना में बदलाव की आशंका जताई जा रही है।

नवरोज़ पर चुप्पी ने बढ़ाई अटकलें

स्थिति तब और ज्यादा चर्चा में आ गई जब Nowruz के मौके पर मोजतबा खामेनेई के जनता को संबोधित करने की उम्मीद थी। आमतौर पर इस अवसर पर ईरान के सर्वोच्च नेता देश को संबोधित करते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

इसके बजाय केवल एक लिखित बयान और कुछ तस्वीरें जारी की गईं। इन तस्वीरों की तारीख स्पष्ट नहीं थी, जिससे यह संदेह और गहरा गया कि उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। इस असामान्य चुप्पी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

खुफिया एजेंसियों की नजर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, CIA और Mossad समेत कई खुफिया एजेंसियां मोजतबा खामेनेई की स्थिति का पता लगाने में जुटी हुई हैं। वे यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि वह कहां हैं, किस हालत में हैं और क्या वे वास्तव में देश के फैसले ले रहे हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह पुष्टि हो सके कि मोजतबा खामेनेई ही युद्ध से जुड़े फैसले ले रहे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने इस स्थिति को “बेहद असामान्य” बताया है।

ईरान की सैन्य कार्रवाई जारी

इन सभी अटकलों के बीच एक बात साफ है कि ईरान की सैन्य गतिविधियां लगातार जारी हैं। Strait of Hormuz को लेकर तनाव और मिसाइल हमलों की खबरें यह दिखाती हैं कि देश की सैन्य ताकत सक्रिय बनी हुई है।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी या अनुपस्थिति से देश की नीतियां नहीं रुकतीं। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान की व्यवस्था केवल एक नेता पर निर्भर नहीं है, बल्कि संस्थागत ढांचे पर आधारित है।

क्या यह अंदरूनी अस्थिरता का संकेत है?

मौजूदा हालात ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या ईरान की ताकत उसकी मजबूत सैन्य व्यवस्था में है या यह स्थिति किसी आंतरिक अस्थिरता की ओर इशारा कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि तेहरान की असली सत्ता किसके हाथ में है—क्या मोजतबा खामेनेई सक्रिय नेतृत्व कर रहे हैं या फिर कोई अन्य शक्ति पर्दे के पीछे से देश चला रही है।