Middle East Crisis: ईरानी मिसाइल हमलों से दुबई-अबूधाबी दहले, स्कूल पर एयरस्ट्राइक में 24 की मौत

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Middle East Crisis: मध्य पूर्व में सैन्य टकराव ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। Iran पर अमेरिका और Israel की कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले किए, जिनकी गूंज खाड़ी देशों तक सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक Dubai के मरीना इलाके के पास जोरदार धमाके सुने गए, जबकि Abu Dhabi में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

यूएई अधिकारियों ने बताया कि ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की गई। हालांकि, अवरोधन के दौरान गिरे मलबे से एक एशियाई नागरिक की मौत की सूचना है। आधिकारिक तौर पर हमले के कारणों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन कदम उठाते हुए देश का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।

उधर ईरानी मीडिया ने दक्षिणी शहर मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर कथित एयरस्ट्राइक में 24 छात्राओं की मौत का दावा किया है। राजधानी Tehran सहित कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की खबरें हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि क्षेत्र के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई।

खाड़ी में बढ़ता सैन्य तनाव

रिपोर्टों के अनुसार, हमले अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए, जिनमें यूएई का अल धफरा एयरबेस भी शामिल बताया जा रहा है। Bahrain ने भी अपने क्षेत्र में हमलों की पुष्टि की है। वहां अमेरिकी नौसेना के 5th फ्लीट मुख्यालय के पास तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। Kuwait और Qatar में भी अलर्ट सायरन बजने की खबरें हैं।

क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने से वैश्विक उड्डयन और व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र है। किसी भी लंबे सैन्य टकराव से ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और तेल की कीमतों में उछाल संभव है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

रूस के सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष Dmitry Medvedev ने कहा कि यह कार्रवाई वार्ता की आड़ में उठाया गया कदम है और इससे स्थिति और भड़केगी। नॉर्वे के विदेश मंत्री Espen Barth Eide ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं बताया। वहीं यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने हालात को “खतरनाक मोड़” करार देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटा है।

मौजूदा हालात

  • मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें जारी हैं।

  • कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद किया है।

  • अमेरिकी दूतावासों ने नागरिकों को “शेल्टर-इन-प्लेस” की सलाह दी है।

  • खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट उच्चतम स्तर पर है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव अब क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले चुका है, जिसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यदि तनाव कम नहीं हुआ, तो ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल, मध्य पूर्व एक अनिश्चित और विस्फोटक दौर से गुजर रहा है। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह संकट कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ता है या व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता है।