Minab school attack: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कथित मिसाइल हमले का वीडियो सार्वजनिक किया है। ईरान का दावा है कि यह हमला एक गर्ल्स स्कूल पर किया गया, जिसमें 180 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। यह मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बहस दोनों तेज हो गई हैं।
यह वीडियो ईरान के सरकारी प्रसारण नेटवर्क Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) द्वारा जारी किया गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह घटना 28 फरवरी को हुई थी और निशाना बनाया गया था ‘शजरे तय्यबे’ नाम का एक स्कूल, जो मिनाब शहर में स्थित है। Minab में हुए इस हमले को ईरान ने एक “जघन्य और अमानवीय कृत्य” बताया है।
जारी किए गए सीसीटीवी फुटेज में स्कूल की इमारत के अलग-अलग हिस्सों से एक साथ काला धुआं उठता दिखाई देता है। विस्फोट इतना जबरदस्त बताया जा रहा है कि इमारत की छत और दीवारें पूरी तरह ढह गईं। चारों तरफ मलबा फैल गया और आग की लपटें भी साफ नजर आती हैं। वीडियो में तबाही का मंजर बेहद भयावह दिखाया गया है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नुकसान कितना बड़ा हो सकता है।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया, खासकर बच्चों के स्कूल को। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है और इस वीडियो को वैश्विक समुदाय के सामने सबूत के रूप में पेश किया है। ईरान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की तैयारी में भी नजर आ रहा है।
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन दावों की अब तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। न ही किसी वैश्विक निगरानी संस्था या मानवाधिकार संगठन ने इस घटना को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी किया है।
JUST IN: Iran Releases New CCTV Footage from Multiple Angles of the U.S Strike on the Minab School That Killed Over 170 Children pic.twitter.com/hhXw8KQcNF
— Sulaiman Ahmed (@ShaykhSulaiman) March 23, 2026
दूसरी ओर, United States की तरफ से भी इस आरोप पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यही वजह है कि इस वीडियो और ईरान के दावों को लेकर दुनिया भर में अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना मान रहे हैं, तो वहीं कुछ विशेषज्ञ इसे अधूरी जानकारी या संभावित प्रोपेगेंडा के रूप में भी देख रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा हालात में किसी भी ऐसी घटना का सामने आना मिडिल ईस्ट की स्थिति को और ज्यादा जटिल बना सकता है। पहले से ही क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है, और इस तरह के आरोप स्थिति को और भड़का सकते हैं।
अगर ईरान का यह दावा सही साबित होता है, तो यह न केवल एक मानवीय त्रासदी होगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक दबाव बढ़ सकता है और संबंधित देशों के बीच टकराव और तेज हो सकता है।
फिलहाल, दुनिया की नजर इस मामले पर टिकी हुई है। सभी को इंतजार है कि क्या इस घटना की स्वतंत्र जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी या यह मामला भी आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझकर रह जाएगा।

