फारस की खाड़ी में ईरान का हमला, अमेरिकी तेल टैंकर में लगी आग

Persian Gulf Attack
Persian Gulf Attack

Persian Gulf Attack: ईरान के अनुसार हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाया था। इस हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में नाविकों के हताहत होने की खबर सामने आई।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस घटना को “समुद्र में अत्याचार” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के लिए अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और ईरान अपने सैनिकों की मौत का बदला लेने का अधिकार रखता है।

ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत इस तरह के हमले अस्वीकार्य हैं और इससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

अमेरिकी तेल टैंकर पर हमले का दावा

ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने एक बयान जारी कर कहा कि उसकी नौसेना ने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। बयान के अनुसार इस हमले के बाद जहाज में आग लग गई और आसपास के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमले के बाद टैंकर से धुआं उठता देखा गया। हालांकि इस दावे पर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह हमला पुष्टि के साथ सामने आता है तो इससे क्षेत्र में सैन्य टकराव और तेज हो सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

इस घटना से पहले IRGC ने चेतावनी दी थी कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की गतिविधियों पर वह नजर रखेगा। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।

दुनिया के बड़े हिस्से में निर्यात होने वाला कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

इजराइल और अमेरिका के साथ बढ़ता टकराव

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने गुरुवार सुबह इजराइल और अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर हमलों की नई लहर शुरू की है। इसके जवाब में Israel ने कहा कि उसने तेहरान सहित कई इलाकों में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है।

इजरायली सेना के अनुसार पिछले 24 घंटों में लेबनान में ईरान समर्थित संगठन Hezbollah से जुड़े करीब 80 ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

इस बढ़ते संघर्ष में अब तक भारी जनहानि की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कम से कम छह अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई है।

क्षेत्रीय युद्ध का बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े ठिकानों पर हमले जारी रहते हैं तो यह संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।

फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक इलाकों में बढ़ती सैन्य गतिविधियां केवल क्षेत्रीय देशों के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन सकती हैं।

फिलहाल दुनिया की नजरें इस संकट पर टिकी हुई हैं और कई देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।