Cross border terrorism: भारत की सीमा-पार आतंकवाद विरोधी नीति को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत समर्थन मिला है। पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की ने सोमवार को नई दिल्ली में भारत के रुख का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद आज केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की गंभीर समस्या बन चुका है और इससे निपटने के लिए संयुक्त प्रयास बेहद जरूरी हैं।
नई दिल्ली में हुई अहम मुलाकात
पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की इन दिनों भारत दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद सिकोर्स्की ने कहा कि—
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पोलैंड भी हाल ही में आतंकवादी गतिविधियों का शिकार रहा है
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एक चलती ट्रेन के नीचे रेलवे लाइन उड़ाने की कोशिश की गई थी
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हालांकि हमले की साजिश नाकाम हो गई और कोई जनहानि नहीं हुई
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं यह साबित करती हैं कि सीमा-पार आतंकवाद किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक खतरा बन चुका है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख से सहमति
सिकोर्स्की ने स्पष्ट रूप से कहा कि पोलैंड, आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति का समर्थन करता है। उन्होंने माना कि—
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आतंकवाद किसी भी रूप में अस्वीकार्य है
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इसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है
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सीमा-पार आतंकवाद से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है
विदेश मंत्री जयशंकर ने भी इस मौके पर दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए और सभी देशों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
टैरिफ नीति पर भी भारत-पोलैंड की समान राय
बैठक के दौरान सिर्फ आतंकवाद ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। खास तौर पर चुनिंदा देशों पर लगाए जा रहे टैरिफ को लेकर दोनों देशों ने एक जैसी राय व्यक्त की।
सिकोर्स्की ने कहा कि—
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कुछ देशों को निशाना बनाकर टैरिफ लगाना गलत है
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इससे वैश्विक व्यापार असंतुलित होता है
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है
इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने भी सहमति जताते हुए कहा कि केवल टैरिफ ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी भेदभावपूर्ण नीतियां देखने को मिलती हैं, जिन पर खुली और गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
भारत और पोलैंड के ऐतिहासिक संबंध
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और पोलैंड के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरे और भरोसेमंद संबंध रहे हैं।
उन्होंने कहा कि—
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दोनों देश अपने-अपने क्षेत्रों में उभरती ताकत हैं
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आपसी सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं
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व्यापार, रक्षा, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाई जा सकती है
सिकोर्स्की ने खास तौर पर यूरोप में भारत की बढ़ती भूमिका की सराहना की।
यूरोप में भारत की बढ़ती मौजूदगी
पोलैंड के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत यूरोप के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि—
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भारत द्वारा कई यूरोपीय देशों में नए दूतावास खोलना
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यूरोपीय संघ के साथ गहरे संबंध बनाना
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रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना
यह सब इस बात का प्रमाण है कि भारत यूरोप को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है।
पोलैंड द्वारा सीमा-पार आतंकवाद पर भारत का खुला समर्थन यह दिखाता है कि इस मुद्दे पर भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो रहा है। साथ ही, टैरिफ और वैश्विक व्यापार नीति पर दोनों देशों की समान सोच यह संकेत देती है कि भारत-पोलैंड संबंध आने वाले समय में और प्रगाढ़ हो सकते हैं।
यह मुलाकात केवल द्विपक्षीय संबंधों को ही नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर साझा समझ को भी मजबूत करने वाली साबित हुई है।

