India rescue operation: 9 लाख भारतीयों को पश्चिम एशिया से सुरक्षित निकाला

India rescue operation
India rescue operation

India rescue operation: भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा निकासी अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 9 लाख 27 हजार से अधिक भारतीयों को सुरक्षित देश वापस लाया जा चुका है। इस विशाल अभियान की जानकारी संयुक्त सचिव Aseem R. Mahajan ने दी।

सरकार ने इस मिशन के तहत एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो 24 घंटे काम कर रहा है। यह कंट्रोल रूम विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। विभिन्न देशों से बड़े पैमाने पर फ्लाइट ऑपरेशन भी शुरू किए गए हैं।

संयुक्त अरब अमीरात से प्रतिदिन करीब 100 उड़ानें संचालित की जा रही हैं, जिससे हजारों भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। इसके अलावा सऊदी अरब और ओमान से भी नियमित उड़ानें जारी हैं। कतर से 8 से 10 उड़ानों के संचालन की उम्मीद है, जबकि बहरीन से सीमित उड़ानें शुरू की जा रही हैं।

ईरान से भी भारतीयों की निकासी जारी है। अब तक 2230 लोगों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित भारत लाया गया है। इनमें 987 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं। वहीं इज़राइल से भारतीयों को जॉर्डन और मिस्र के जरिए वापस लाया जा रहा है।

इराक से उड़ानें शुरू हो चुकी हैं, जबकि कुवैत का एयरस्पेस बंद होने के कारण वहां से भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते निकाला जा रहा है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जहाजों पर काम कर रहे भारतीय क्रू की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

यह विशाल रेस्क्यू ऑपरेशन ऐसे समय में चलाया जा रहा है जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और Strait of Hormuz पर नाकेबंदी जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे संवेदनशील माहौल में भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए हैं।

सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी इस अभियान को जारी रखने के लिए तैयार है। यह ऑपरेशन न केवल भारत की कूटनीतिक क्षमता को दर्शाता है, बल्कि संकट के समय अपने नागरिकों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।