Imran Khan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) के संस्थापक इमरान ख़ान की सेहत को लेकर चिंताएं लगातार गहराती जा रही हैं। वे इस समय रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं और हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे एक गंभीर नेत्र रोग—सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूज़न (CRVO), जिसे आम भाषा में “आई स्ट्रोक” कहा जाता है—से पीड़ित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर और सही इलाज न मिलने की स्थिति में इस बीमारी से आंखों की रोशनी को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
इमरान ख़ान की बहन नोरीन ख़ान ने इस मामले में सार्वजनिक रूप से कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सैन्य प्रतिष्ठान को “अंतिम चेतावनी” देते हुए कहा कि अगर उनके भाई की आंख को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचा, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। नोरीन ख़ान का यह बयान ऐसे समय आया है जब PTI और इमरान ख़ान के समर्थक जेल प्रशासन पर उचित चिकित्सा सुविधा न देने का आरोप लगा रहे हैं।
नोरीन ख़ान केवल अपने भाई की रिहाई के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेटे के लिए भी संघर्ष कर रही हैं, जो वर्ष 2023 से जेल में बंद है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने इमरान ख़ान की जेल के बाहर हुए एक धरने के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें बालों से घसीटा गया और वे बेहोश हो गई थीं। उनका आरोप है कि इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके परिवार को राजनीतिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
एक इंटरव्यू में नोरीन ख़ान ने दावा किया कि राज्य संस्थान इमरान ख़ान को जानबूझकर परिवार से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरान पर देश छोड़ने का दबाव बनाया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। नोरीन ने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में इमरान ख़ान के खिलाफ और कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
इमरान ख़ान की पार्टी PTI ने भी उनकी सेहत को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। पाकिस्तानी अख़बार DAWN की रिपोर्ट के अनुसार, PTI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि यदि इमरान ख़ान को तुरंत और विशेषज्ञ चिकित्सा नहीं मिली, तो उनकी दाहिनी आंख की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है और वे आंशिक रूप से अंधे भी हो सकते हैं। पार्टी के अनुसार, जेल में डॉक्टरों की जांच में CRVO को बेहद संवेदनशील और खतरनाक स्थिति बताया गया है।
PTI का आरोप है कि मेडिकल विशेषज्ञों की स्पष्ट सलाह के बावजूद अडियाला जेल प्रशासन इमरान ख़ान का इलाज जेल के भीतर ही कराने पर जोर दे रहा है। पार्टी का कहना है कि इस बीमारी के इलाज के लिए अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और विशेष नेत्र सुविधाओं की आवश्यकता होती है, जो जेल परिसर में उपलब्ध नहीं हैं। डॉक्टरों की राय का हवाला देते हुए PTI ने मांग की है कि इमरान ख़ान को तुरंत किसी बड़े और सुसज्जित अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।
इस पूरे मामले ने पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। PTI नेताओं का आरोप है कि पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और कई को हिरासत में कथित यातनाएं दी गई हैं। नोरीन ख़ान ने PTI कार्यकर्ता सामी वज़ीर का उदाहरण देते हुए कहा कि जेल से बाहर आने के बाद वे गंभीर शारीरिक चोटों, सर्जरी के निशानों और मानसिक आघात से जूझते पाए गए।
कार्यक्रम के अंत में नोरीन ख़ान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक शक्तियों की ओर से कोई ठोस हस्तक्षेप या दबाव देखने को नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार, फिलहाल किसी भी तरह के “समझौते” के संकेत नहीं हैं और हालात लगातार अधिक चिंताजनक होते जा रहे हैं। इमरान ख़ान की सेहत, जेल प्रशासन का रुख और बढ़ता राजनीतिक दबाव—इन सभी मुद्दों ने पाकिस्तान की राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है।

