Hormuz Strait: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक अहम बयान सामने आया है। Donald Trump ने दावा किया है कि Iran ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल ले जाने वाले 20 जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है और वैश्विक ऊर्जा बाजार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ट्रंप ने रविवार रात ‘एयर फोर्स वन’ पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह अनुमति सोमवार सुबह से लागू होगी और अगले कुछ दिनों तक प्रभावी रह सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, हालांकि उन्होंने ईरान पर पूरी तरह भरोसा करने से इनकार किया।
ट्रंप के अनुसार, “हम बातचीत कर रहे हैं और कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन ईरान के मामले में कभी भी पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। कई बार हालात अचानक बदल जाते हैं, जिससे हमें कड़े कदम उठाने पड़ते हैं।” उनके इस बयान से साफ है कि अमेरिका सतर्क रुख बनाए हुए है और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे Strait of Hormuz के नाम से जाना जाता है, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां से जहाजों के सुरक्षित आवागमन की अनुमति मिलना अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय संघर्षविराम योजना पर प्रतिक्रिया दी है, तो उन्होंने कहा कि ईरान ने जवाब दिया है और अधिकांश बिंदुओं पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि “वे हमारी योजना को मान रहे हैं,” जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत किसी न किसी स्तर पर आगे बढ़ रही है।
हालांकि, ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सतर्कता भी जताई। उन्होंने कहा कि बातचीत के बावजूद हालात तेजी से बदल सकते हैं और अमेरिका को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। उनके बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
ट्रंप ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई शायद जीवित हैं, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं और मुश्किल स्थिति में हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, जिससे इस पर सवाल भी उठ रहे हैं।
इस बीच, वैश्विक समुदाय की नजरें मिडिल ईस्ट की स्थिति पर टिकी हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की रुकावट या तनाव का असर सीधे तौर पर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान द्वारा जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का फैसला स्थायी रूप लेता है, तो इससे क्षेत्र में तनाव कुछ हद तक कम हो सकता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को देखते हुए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
फिलहाल, ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल जरूर पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह अस्थायी राहत स्थायी समाधान में बदल पाती है या नहीं।

