Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और समुद्री सुरक्षा खतरों के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लाइबेरिया के झंडे वाला विशाल तेल टैंकर Shenlong Suezmax सुरक्षित रूप से Mumbai Port पहुंच गया है।
बताया जा रहा है कि यह जहाज ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद खतरनाक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पार कर भारत पहुंचने वाला पहला बड़ा टैंकर है। ऐसे समय में इसकी सुरक्षित एंट्री भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर पहुंचा टैंकर
समुद्री ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार यह टैंकर Ras Tanura Port से कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था।
जहाज ने 1 मार्च को सऊदी अरब से कच्चा तेल लोड किया और 3 मार्च को भारत के लिए यात्रा शुरू की। इस टैंकर में लगभग 1,35,335 मीट्रिक टन सऊदी क्रूड ऑयल लाया गया है।
यह तेल मुंबई के पूर्वी हिस्से में स्थित महुल क्षेत्र की रिफाइनरियों तक पहुंचाया जाएगा, जहां इसका प्रोसेसिंग किया जाएगा। भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में इस आपूर्ति की अहम भूमिका मानी जा रही है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरा जहाज
समुद्री निगरानी आंकड़ों के अनुसार यह जहाज 8 मार्च को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरा। यह वही रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है।
हाल के दिनों में Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा खतरे काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में इस मार्ग से गुजरना जहाजों के लिए जोखिम भरा माना जा रहा है।
A Liberia-flagged tanker carrying 135,335 metric tonnes of #SaudiCrude safely reached #MumbaiPort, becoming the first India-bound vessel to cross the #StraitOfHormuz after recent tensions. Captained by an #Indian, arrived Wednesday and began unloading at #JawaharDweep terminal. pic.twitter.com/1zzDc8lNG0
— BNN Channel (@Bavazir_network) March 12, 2026
सुरक्षा कारणों से बंद किया गया ट्रांसपोंडर
यात्रा के दौरान जहाज ने सुरक्षा के मद्देनजर एक अहम कदम उठाया। जोखिम वाले क्षेत्र में प्रवेश करते समय जहाज का AIS (Automatic Identification System) ट्रांसपोंडर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।
यह सिस्टम आमतौर पर जहाज की पहचान, उसकी गति और दिशा की जानकारी आसपास मौजूद जहाजों और तटीय निगरानी स्टेशनों को भेजता है। लेकिन संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कारणों से कई बार जहाज इस सिस्टम को अस्थायी रूप से बंद कर देते हैं ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके।
बाद में 9 मार्च को जहाज फिर से ट्रैकिंग सिस्टम पर दिखाई दिया, जिससे पुष्टि हुई कि वह सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।
मुंबई पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंचा टैंकर
यह विशाल टैंकर बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मुंबई पोर्ट पहुंचा। इसके बाद शाम 6:06 बजे इसे जवाहर द्वीप टर्मिनल पर बर्थ दिया गया ताकि कच्चे तेल को उतारने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार टैंकर से क्रूड ऑयल खाली करने की प्रक्रिया लगभग 36 घंटे तक चलने की संभावना है। इसके बाद तेल को रिफाइनरियों तक पहुंचाया जाएगा।
जहाज और क्रू से जुड़ी जानकारी
इस जहाज का स्वामित्व Shenlong Shipping Ltd के पास है, जबकि इसका संचालन ग्रीस की कंपनी Dynacom Tanker Management करती है।
जहाज पर कुल 29 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस के नाविक शामिल हैं। खास बात यह है कि इस जहाज का कप्तान भी भारतीय है, जो इस मिशन को सुरक्षित रूप से पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा वैश्विक हालात में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बनाए रखना भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। अगर यहां किसी तरह की बाधा आती है, तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों और कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
ऐसे में इस टैंकर का सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचना भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल आपूर्ति पूरी तरह बाधित नहीं हुई है।

