Hong Kong Fire: हांगकांग के ताई पो क्षेत्र स्थित वांग फुक कोर्ट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में लगी विनाशकारी आग ने शहर को हिलाकर रख दिया। तीन दिनों तक जारी इस अग्निकांड ने आठ में से सात, 32-मंजिला टावरों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया, जहां 4,600 से अधिक निवासी रहते थे। फायर सर्विसेज विभाग ने इसे पिछले करीब 80 वर्षों में हांगकांग की सबसे भयानक आग करार दिया है। हादसे में अब तक 128 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। वहीं, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में तीन निर्माण कंपनी अधिकारी हिरासत में लिए गए हैं।
सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त
फायर विभाग ने बताया कि शुक्रवार को व्यापक खोज और बचाव अभियान पूरा कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। आग बुधवार दोपहर शुरू हुई थी और बांस के मचान और हरे जाल से ढंकी इमारतों में तेजी से फैल गई, जिससे कम समय में भारी नुकसान हुआ।
सुरक्षा लापरवाही पर तीन अधिकारी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, खिड़कियों को बंद करने वाले ज्वलनशील फोम बोर्ड और अन्य असुरक्षित निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते प्रेस्टीज कंस्ट्रक्शन के दो निदेशकों और एक इंजीनियरिंग सलाहकार को हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। यह कंपनी पिछले एक वर्ष से कॉम्प्लेक्स का मेंटेनेंस संभाल रही थी।
पुलिस सुपरिटेंडेंट एलीन चुंग ने कहा कि कंपनी की लापरवाही इस त्रासदी का प्रमुख कारण बनी।
अभी भी 200 से अधिक लोग लापता
डिप्टी फायर सर्विसेज डायरेक्टर डेरेक चैन ने बताया कि सातों टावरों की हर यूनिट की तलाशी ली जाएगी ताकि किसी और हताहत को रोका जा सके। गुरुवार सुबह तक 279 लोगों का कोई पता नहीं था, हालांकि कई घंटों से यह संख्या अपडेट नहीं की गई है। फायर विभाग को मिली 25 कॉल्स का भी अभी समाधान नहीं हो पाया है।
1948 के बाद सबसे बड़ी आग
अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मृतक दो टावरों से मिले हैं, जबकि कई लोगों को अन्य इमारतों से जीवित बाहर निकाला गया। शुक्रवार दोपहर तक मौतों का आंकड़ा बढ़कर 128 हो गया। यह 1948 के बाद हांगकांग की सबसे भीषण आग बताई जा रही है, जब एक वेयरहाउस में आग लगने से 176 लोगों की मौत हुई थी।

