Hantavirus Outbreak: दक्षिण अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे एक क्रूज शिप पर खतरनाक Hantavirus संक्रमण फैलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस रहस्यमयी वायरस की चपेट में आने से अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के बीमार होने की खबर है। संक्रमण के फैलने के बाद लगभग 40 यात्रियों को बीच यात्रा में ही Saint Helena द्वीप पर उतार दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतकों में एक डच नागरिक भी शामिल था। उसकी पत्नी अपने पति के शव के साथ सेंट हेलेना द्वीप पर उतरी थी और बाद में कमर्शियल फ्लाइट से South Africa पहुंची। हालांकि, बाद में वह भी जोहान्सबर्ग एयरपोर्ट पर अचानक गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
क्रूज संचालित करने वाली डच कंपनी ने शुरुआत में केवल महिला के जहाज से उतरने की पुष्टि की थी। लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि करीब 40 अन्य यात्रियों को भी सेंट हेलेना द्वीप पर उतारा गया था। इससे कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं और यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री व उनके संपर्क में आए लोगों की जांच शुरू कर दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य यात्री Switzerland पहुंचने के बाद हंतावायरस पॉजिटिव पाया गया। बताया जा रहा है कि वह भी उन्हीं यात्रियों में शामिल था जिन्हें सेंट हेलेना पर जहाज से उतारा गया था। हालांकि उसने किन देशों और शहरों की यात्रा की, इसकी पूरी जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
डच अधिकारियों ने फिलहाल बाकी यात्रियों की मौजूदा लोकेशन को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। यही वजह है कि स्वास्थ्य एजेंसियां तेजी से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में जुटी हुई हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
इसी बीच एक ब्रिटिश यात्री को कुछ दिनों बाद Ascension Island से एयरलिफ्ट करके दक्षिण अफ्रीका ले जाया गया। वहीं जहाज के डॉक्टर समेत तीन अन्य लोगों को Cape Verde के पास से इलाज के लिए यूरोप भेजा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन बेहद गंभीर वायरल बीमारी है। यह वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित धूल या हवा के जरिए भी यह वायरस इंसानों तक पहुंच सकता है। गंभीर मामलों में यह फेफड़ों, किडनी और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है।
हंतावायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, जिनमें बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी शामिल हैं। लेकिन गंभीर स्थिति में मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और फेफड़ों में तेजी से संक्रमण फैल सकता है। कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूज शिप्स पर संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि वहां बड़ी संख्या में लोग सीमित जगह में लंबे समय तक साथ रहते हैं। यही कारण है कि किसी भी संक्रामक बीमारी के फैलने पर तेजी से कई लोग प्रभावित हो सकते हैं।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब दुनिया पहले ही कई नए संक्रमणों और वैश्विक स्वास्थ्य संकटों को लेकर सतर्क बनी हुई है। कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा और क्रूज उद्योग में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर काफी सख्ती बढ़ाई गई थी, लेकिन इस नई घटना ने एक बार फिर समुद्री यात्राओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संक्रमण की शुरुआत कैसे हुई और क्या यह वायरस जहाज पर मौजूद अन्य यात्रियों तक भी फैला है। आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

