Epstein Files: ट्रंप का नाम फिर सुर्खियों में, वायरल वीडियो के दावों पर सस्पेंस

Epstein Files
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Epstein Files: जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों का नया दस्तावेज़ी डंप सामने आने के बाद अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बार चर्चा के केंद्र में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं, जिनका नाम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित “प्राइवेट वीडियो” और नए जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में लिया जा रहा है। हालांकि, इन दावों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या विश्वसनीय सबूत सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप नाबालिग लड़कियों के साथ एक पार्टी में मौजूद हैं। वीडियो के साथ कुछ कथित बयानों को भी जोड़ा गया है, जिनमें लड़कियों की उम्र 14 से 16 साल बताई जा रही है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और फैक्ट-चेक्स के अनुसार, इस वीडियो का कोई प्रमाणिक स्रोत नहीं है और न ही किसी सरकारी एजेंसी या अदालत ने इसकी पुष्टि की है। ऐसे में इसे फिलहाल एक वायरल दावा माना जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य।

एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप का जिक्र

अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने 23 दिसंबर 2025 को लगभग 30,000 पेज के नए दस्तावेज़ सार्वजनिक किए, जो जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़े हैं। इन दस्तावेज़ों में कई प्रमुख हस्तियों का उल्लेख है, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी कुछ जगहों पर सामने आता है। हालांकि, DOJ ने स्पष्ट किया है कि इन फाइलों में ट्रंप के खिलाफ किसी भी तरह के आपराधिक कृत्य का ठोस सबूत नहीं मिला है।

दस्तावेज़ों के अनुसार, कुछ रिकॉर्ड्स और ईमेल्स में ट्रंप का नाम न्यूज क्लिपिंग्स और संदर्भों के तौर पर शामिल है। एक ईमेल, जिसे 2020 में एक संघीय अभियोजक ने लिखा था, उसमें दावा किया गया कि ट्रंप ने 1993 से 1996 के बीच एपस्टीन के निजी विमान पर कम से कम आठ बार यात्रा की थी। इन कथित उड़ानों में एपस्टीन की करीबी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल की मौजूदगी का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, DOJ ने यह भी स्वीकार किया है कि इन दस्तावेज़ों में शामिल कुछ दावे अप्रमाणित, असत्य या सनसनीखेज हो सकते हैं। विभाग ने साफ कहा है कि केवल किसी का नाम दस्तावेज़ों में आ जाना, उसे अपराध से जोड़ने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।

ट्रंप की प्रतिक्रिया

डोनाल्ड ट्रंप ने इन खुलासों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक “ध्यान भटकाने” की कोशिश बताया और कहा कि उनकी या रिपब्लिकन पार्टी की राजनीतिक उपलब्धियों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को उछाला जा रहा है। ट्रंप का कहना है कि किसी के साथ तस्वीर में दिखना या कभी किसी पार्टी में मौजूद होना अपराध का प्रमाण नहीं हो सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि एपस्टीन से जुड़ी कई कहानियां पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन जांच एजेंसियां आज तक उनके खिलाफ कोई ठोस आरोप साबित नहीं कर पाई हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

वायरल वीडियो और फाइल्स के नए खुलासों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ यूजर्स ट्रंप से सवाल पूछते नजर आए, जबकि कुछ ने बिना पुष्टि के ही तीखी टिप्पणियां कीं। वहीं, कई लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जब तक किसी दावे की आधिकारिक जांच और पुष्टि न हो जाए, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत होगा।

एपस्टीन फाइल्स का यह नया दस्तावेज़ी डंप एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सार्वजनिक जीवन में मौजूद हस्तियों से जुड़े आरोपों को कैसे देखा जाना चाहिए। जहां एक ओर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, वहीं दूसरी ओर अप्रमाणित और वायरल दावों से तथ्य और अफवाह के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है। फिलहाल, डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े इन दावों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है और जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ किसी अपराध का प्रमाण मिलने से इनकार किया है।