Bondi Beach Shooting: ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुई भीषण सामूहिक गोलीबारी के मामले में भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मुख्य संदिग्धों में शामिल साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था। तेलंगाना पुलिस के अनुसार, 50 वर्षीय साजिद अकरम करीब तीन दशक पहले ऑस्ट्रेलिया चला गया था और हाल के वर्षों में उसका हैदराबाद में अपने परिवार से बहुत सीमित संपर्क रह गया था।
यह जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा राज्य अधिकारियों से विवरण मांगे जाने के बाद सामने आई। इस दर्दनाक घटना में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए। यह गोलीबारी रविवार को ऑस्ट्रेलिया के लोकप्रिय बॉन्डी बीच इलाके में एक यहूदी समुदाय के कार्यक्रम के दौरान हुई, जिससे पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि साजिद अकरम वर्ष 1998 में ऑस्ट्रेलिया गया था। तेलंगाना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भले ही उसकी जड़ें हैदराबाद से जुड़ी रहीं, लेकिन विदेश में बसने के बाद उसने अपने रिश्तेदारों से नियमित संपर्क लगभग खत्म कर दिया था। मामले की जांच के तहत भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही हैं और पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारियां साझा की जा रही हैं।
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले को साजिद अकरम ने अपने 24 वर्षीय बेटे नावेद अकरम के साथ मिलकर अंजाम दिया। घटना के दौरान दोनों ने कथित तौर पर भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में साजिद अकरम मारा गया, जबकि उसका बेटा नावेद घायल हो गया और फिलहाल पुलिस निगरानी में अस्पताल में भर्ती है।
इस बीच, दोनों की हालिया अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से जुड़े विवरण भी जांच में सामने आए हैं। फिलीपींस के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन की प्रवक्ता डाना सैंडोवाल ने पुष्टि की कि साजिद अकरम और नावेद अकरम इस साल की शुरुआत में साथ-साथ फिलीपींस गए थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वे 1 नवंबर 2025 को सिडनी से फिलीपींस पहुंचे थे।
डाना सैंडोवाल के मुताबिक, दोनों ने फिलीपींस पहुंचने पर दावाओ को अपना अंतिम गंतव्य बताया था। वहां कुछ हफ्तों तक रुकने के बाद वे 28 नवंबर 2025 को देश छोड़कर वापस ऑस्ट्रेलिया लौट गए। इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने दावाओ से मनीला होते हुए सिडनी के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट ली थी।
इन यात्राओं के खुलासे से जांच को एक नया मोड़ मिला है। अब ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या इस विदेश यात्रा का किसी तरह से हमले की योजना या उसके क्रियान्वयन से कोई संबंध था।
उधर, तेलंगाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय रिकॉर्ड में साजिद अकरम के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे पृष्ठभूमि सत्यापन के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं।
बॉन्डी बीच गोलीबारी की घटना की दुनिया भर में कड़ी निंदा हो रही है और इसने सार्वजनिक सुरक्षा तथा उग्रवाद जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी मामले की गहन जांच में जुटे हैं, जबकि भारत, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस के बीच कूटनीतिक और कानून प्रवर्तन स्तर पर लगातार संपर्क बना हुआ है।
जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक व सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। आने वाले दिनों में सबूतों के विश्लेषण और नावेद अकरम से पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।

