Afghanistan Pakistan Airstrike: इस्लामाबाद समेत ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का दावा

Afghanistan Pakistan Airstrike
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Afghanistan Pakistan Airstrike: डूरंड रेखा पर बढ़ते तनाव के बीच अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों में एक बार फिर गंभीर सैन्य टकराव की स्थिति बन गई है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्र में लगातार झड़पों और हवाई गतिविधियों की खबरें आ रही थीं।

अफगान अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे अफगान एयरफोर्स ने पाकिस्तान की राजधानी Islamabad के फैजाबाद इलाके में स्थित एक सैन्य कैंप को निशाना बनाया। इसके अलावा Nowshera कैंट, जमरूद की सैन्य कॉलोनी और Abbottabad स्थित बैरकों पर भी हमले का दावा किया गया है। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना की महत्वपूर्ण सुविधाओं और सैन्य ढांचों को नुकसान पहुंचाया गया।

जवाबी कार्रवाई का दावा

अफगानिस्तान ने इस सैन्य कार्रवाई को पाकिस्तान द्वारा किए गए कथित हवाई हमलों का जवाब बताया है। अफगान पक्ष का कहना है कि एक दिन पहले रात में Kabul, Kandahar और पक्तिया प्रांत के कुछ इलाकों में पाकिस्तानी विमानों ने बमबारी की थी। इसी के जवाब में यह एयरस्ट्राइक की गई।

अफगान सरकारी मीडिया और राष्ट्रीय प्रसारक RTA ने कथित सैन्य गतिविधियों के वीडियो प्रसारित किए हैं। इनमें सैन्य अधिकारियों को नियंत्रण कक्ष से ऑपरेशन की निगरानी करते हुए दिखाया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

हताहतों के दावे

अफगान मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्रवाई में पाकिस्तान के कम से कम 55 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। इसके साथ ही डूरंड लाइन पर दो मुख्यालयों और 19 सैन्य चौकियों पर नियंत्रण स्थापित करने की बात भी कही गई है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है या पूरी तरह से इनकार किया गया है।

संघर्ष में अफगान सेना को भी नुकसान हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान अफगानिस्तान के आठ सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए हैं। सीमा क्षेत्र के तोरखम इलाके में आम नागरिकों को भी चोटें आई हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल बताए गए हैं।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

डूरंड रेखा लंबे समय से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच विवाद का कारण रही है। दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकवाद, घुसपैठ और सैन्य गतिविधियों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा है। मौजूदा घटनाक्रम ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की जा रही है।

स्वतंत्र पुष्टि जरूरी

ध्यान देने वाली बात यह है कि दोनों पक्षों द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों या पर्यवेक्षकों से पुष्टि नहीं हुई है। युद्ध जैसी स्थिति में सूचनाएं अक्सर एकतरफा या अपुष्ट हो सकती हैं। ऐसे में आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि का इंतजार करना आवश्यक है।

फिलहाल सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों देशों की सेनाएं सतर्क हैं। आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर क्षेत्रीय शांति काफी हद तक निर्भर करेगी।