Tere Ishk Mein Movie Review : इस हफ्ते की लेटेस्ट रिलीज “तेरे इश्क में” में आखिर क्यों ख़ास है, और जिस तरह से लोग इसकी तारीफ कर रहे है क्या ये उतनी ही बेहतरीन फिल्म है ? हाल ही रिलीज “सैयारा” को सोशल मीडिया खासकर Zen Z ने प्रमोट किया, काश उतना ही प्रमोट एक शुद्ध रोमांटिक ड्रामा “तेरे इश्क में” को किया जाता, तो कुछ और बात होती। खैर हम बात करेंगे कि क्या खास है इस फिल्म में, जो इस फिल्म को देखा जाए और क्या ऐसा है जो इस फिल्म से दूरी बनाने को मजबूर करता है।
बेहतरीन अदाकारी के लिए देखे
फिल्म की ताकत है शंकर (एक्टर धनुष), मुक्ति (कृति सेनन) और राघव (प्रकाश राज) की बेहतरीन अदाकारी। रोमांटिक सीन हो या एंग्री मैन धनुष दोनों में फबते है, उनकी टूटी फूटी हिंदी भी उनके रोल पर जंचती है क्योंकि फिल्म में शंकर को एक साउथ इंडियन ही दिखाया गया है जो कुछ साल पहले अपने पिता के साथ दिल्ली आकर रहने लगता है। शंकर के पिता के रोल में प्रकाश राज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका कोई सानी नहीं है, विशेषकर माफ़ी मांगने वाले सीन में । सपोर्टिंग रोल में प्रियांशु पैन्यूली ध्यान आकर्षित करते है वही मुक्ति के पिता के रोल में तोता रॉय चौधरी बाज़ी मार ले जाते है। विनीत कुमार सिंह के लिए फिल्म में कुछ ख़ास नही था, मगर वो जितनी देर स्क्रीन पर रहते है अच्छे लगते है।
फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर
फिल्म को अपनी धुन से सजाया है ए आर रहमान ने और गीत लिखे है इरशाद कामिल ने । टाइटल ट्रैक पहले से ही लोगो के बीच प्रसिद्धि हासिल कर चूका है। इसके अलावा आवारा अंगारा (Aawaara Angaara) और दीवाना दीवाना कर्णप्रिय है। किसी भी फिल्म की जान उसका बैकग्राउंड स्कोर होता है और यहाँ ए आर रहमान का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की जान बन गया है। जी हां, फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और म्यूजिक दोनों की कमान एक ही हाथों में है।
फिल्म की लम्बाई अखरती है
फिल्म का निर्देशन आनंद एल राय ने किया है, और इनके निर्देशन में ही पहली बार एक्टर धनुष ने राँझना बन धूम मचाई थी । राय ने अब तक कई बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया है जिनमे तनु वेड्स मनु की सीरिज भी शामिल है। मगर अपनी पिछली फिल्म जीरो की तरह इस फिल्म में भी वो थोडा सा चुक जाते है, ओवरआल फिल्म का निर्देशन बहुत अच्छा है मगर कोई कोई दृश्य थोडा ज्यादा टाइम लेता है जिसकी वजह से न सिर्फ फिल्म की लम्बाई बढ़ी है बल्कि दर्शको के सब्र का इम्तिहान भी लेती है।
पिछली बार की तरह इस बार भी आनंद और धनुष की जोड़ी वो जादू जगा पाएंगी जो रान्झाना में दोनों ने कर दिखाया था तो इस बार ये जोड़ी थोडा सा चुक जाती है, मगर फिल्म के डायलॉग और कलाकारों की अदाकारी इसे मस्ट वाच बनाते है, साथ ही रहमान का म्यूजिक इसमें जान फूकने का काम करती है । मैंने ये फिल्म सिंगल स्क्रीन पर देखी और वहां लोग इस फिल्म का जमकर लुफ्त उठा रहे थे ।

